कबीरधाम में क्षमादेव दुख निवारण मंदिर के शिलापट का अनावरण करते राज्यपाल और असंग साहब जी महाराज।
गोला गोकर्णनाथ/अलीगंज। मुस्तफाबाद कबीरधाम में तीन दिवसीय स्मृति जन्मोत्सव कार्यक्रम आध्यात्मिक एवं राष्ट्र भावना के साथ मनाया गया।
समापन पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने बादाम का पौधा रोपित करने के बाद असंग साहब के साथ श्री क्षमा देव दुख निवारण मंदिर का उद्घाटन किया। मंच पर कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के वाचन से हुई। कबीर विचारधारा के अनुयायियों ने चांदी का मुकुट पहनाकर राज्यपाल का स्वागत किया।
असंग साहब महाराज ने अतिथि परिचय कराते हुए मानव जीवन में दान का महत्व बताया। इस मौके पर विधायक अमन गिरि, सदर विधायक योगेश वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू, अशोक खेची, दयाशंकर वर्मा, ठाकुर प्रसाद गंगवार आदि मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था में एसपी गणेश प्रसाद साहा, एएसपी नेपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल मुस्तैद रहा।
कुरीतियों को मिटाने में कबीरधाम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्य अतिथि राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीय संत श्री असंग देव जी देश दुनिया में सतगुरु कबीर साहब की शिक्षाओं का प्रचार कर रहे हैं। कबीरधाम भारतीय आंदोलन के महान संत कबीर दास जी से जुड़ा हुआ है। लखीमपुर खीरी के कबीरधाम ने कुरीतियों को समाप्त करने और लोगों को व्यसन मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है। संत कबीर की शिक्षाएं सदियों बाद आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। दुनिया के 200 से अधिक देशों में भारत एकमात्र है, जो देवी-देवताओं का देश है। भारतीय धर्म और भारतीय संस्कृति दुनिया के कई देशों में तेज गति से आगे बढ़ रही है।