दुधवा समेत ककानपुर व कतर्नियाघाट में इस तरह के लगेंगे स्मार्ट साइनेज। स्रोत : वन विभाग
लखीमपुर खीरी। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने दुधवा टाइगर रिजर्व, किशनपुर और कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार में आधुनिक साइनेज लगाने का निर्णय लिया है। इस योजना पर 3.11 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे, जिससे पर्यटकों की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाया जा सकेगा। पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह पहल पर्यटकों को बेहतर मार्गदर्शन देगी और उनकी सुरक्षित यात्रा में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन प्राकृतिक धरोहरों को सुव्यवस्थित कर विश्वस्तरीय इको टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है।
ये साइनेज पर्यटकों के लिए ‘स्मार्ट गाइड’ और ‘मौन गाइड’ की तरह काम करेंगे। इनमें दिशा संकेतक, सुरक्षा संबंधी जानकारी और स्थल विशेष की जानकारी दी जाएगी। साथ ही ‘नो प्लास्टिक’ और ‘वन्य जीवों से दूरी बनाएं’ जैसे संदेशों के जरिए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। बहुभाषी साइनेज विदेशी पर्यटकों के लिए भी सहायक होंगे।
दुधवा में 2.51 करोड़ रुपये से होगा काम
दुधवा टाइगर रिजर्व में 2.51 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक और आकर्षक साइनेज लगाए जाएंगे, जिससे इसे प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
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सुरक्षित और स्मार्ट होगा वन भ्रमण
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि दुधवा में साइनेज से सफारी मार्ग स्पष्ट होंगे और ‘टाइगर जोन’ की पहचान आसान होगी। किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य में ‘बर्ड वॉचिंग’ और ‘नेचर ट्रेल्स’ बेहतर तरीके से चिह्नित होंगे, जबकि कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य में संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्लभ जीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही घुमावदार मार्गों में दिशा भ्रम भी कम होगा।
दुधवा समेत ककानपुर व कतर्नियाघाट में इस तरह के लगेंगे स्मार्ट साइनेज। स्रोत : वन विभाग