लखीमपुर खीरी। स्मार्ट मीटर का भारीभरकम बिल अब उपभोक्ताओं की जेब पर करंट की तरह लग रहा है। कम खपत के बावजूद ज्यादा बिल आने और बार-बार रिचार्ज की व्यवस्था से परेशान लोग इस सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक विरोध तेज हो गया है और पुराने मीटर बहाल करने की मांग उठ रही है।
लखीमपुर सर्किल में 2.80 लाख घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं, जिनमें अब तक 70 हजार घरों में मीटर लग चुके हैं। महज 18-20 प्रतिशत मीटर लगने के बावजूद ही बवाल की स्थिति बन गई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई मामलों में मीटर रीडिंग कम या शून्य होने के बावजूद हर महीने 200-300 रुपये तक अतिरिक्त बिल जुड़ रहा है। शिकायत करने पर इसे ऑटोमेटिक सिस्टम बताकर टाल दिया जाता है।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं ने बिजली निगम के खिलाफ प्रदर्शन कर तकनीकी जांच की मांग की। उनका कहना है कि जब तक गड़बड़ियां दूर नहीं होतीं, वे इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेंगे।
केस1
अमीरनगर निवासी परवीन बेगम के घर चार फरवरी को स्मार्ट मीटर लगाया गया। महज दो महीने में उनका बिजली बिल 5675 रुपये 88 पैसे पहुंच गया, जबकि घर में सीमित बिजली उपयोग है।
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स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल काफी बढ़ गया है। रिचार्ज के बाद भी बैलेंस जल्दी खत्म हो जाता है, जबकि उपयोग सीमित है।
-मतीन, गोटैयाबाग
गरीब उपभोक्ताओं के लिए यह बड़ी परेशानी बन गया है। रिचार्ज के बाद भी कई बार बिजली चालू नहीं होती। बैलेंस जल्दी खत्म हो जाता है।
-रामेश्वर दयाल, दुर्गापुरम
रोक के इंतजार में उपभोक्ता
प्रदेश स्तर पर स्मार्ट मीटर पर रोक की चर्चा है, लेकिन जिले में अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। ऐसे में मीटर लगाने का काम जारी है। जिन घरों में मीटर लग चुके हैं, वे इसे पोस्टपेड करने या पुराने मीटर बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
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स्मार्ट मीटर से रोजाना खपत का सटीक डेटा मिलता है। गलत रीडिंग की समस्या खत्म होती है। रोक से संबंधित आदेश नहीं मिला है।
-ब्रम्हपाल, अधीक्षण अभियंता, लखीमपुर सर्किल
लखीमपुर सर्किल में 2.80 लाख उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाए जाने हैं, जिनमें अब तक 70 हजार घरों में लगाए जा चुके हैं।
-राजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, मीटर
रामेश्वर दयाल
रामेश्वर दयाल