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Lakhimpur Kheri News: बिजली मीटर स्मार्ट, बिलिंग व्यवस्था घिसी-पिटी

Thu, 19 Feb 2026 12:01 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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खीरी टाउन के अफजल ओर शादाब घर लगे स्मार्ट मीटर। संवाद
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लखीमपुर खीरी। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानियां सामने आने लगी हैं। एक ओर जहां विभाग स्मार्ट मीटर को पारदर्शी और सटीक बिलिंग की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर बिलिंग व्यवस्था में आ रही तकनीकी दिक्कतों से उपभोक्ता असमंजस में हैं। इस कारण काफी उपभोक्ता स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले एक साल में मात्र 18 से 20 प्रतिशत ही स्मार्ट मीटर लगाए जा सके हैं।
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लखीमपुर सर्किल के आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब पौने तीन लाख उपभोक्ता हैं। इनमें अब तक मात्र 55 हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उसकी फीडिंग की जाती है, जिसके बाद मोबाइल फोन पर एसएमएस के माध्यम से बिल जनरेट होता है। आरोप है कि फीडिंग में लापरवाही की जा रही है। जिले में हजारों उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी बिल नहीं आए हैं। कई उपभोक्ता विद्युत निगम के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
शहर के मोहल्ला शिवपुरी निवासी अनिल ने बताया कि करीब नौ महीने पहले उनके घर स्मार्ट मीटर लगाया गया था। काफी दिनों तक बिल नहीं आया। बाद में फोन पर संदेश आने लगे, लेकिन बिल पहले की अपेक्षा अधिक आने लगा। विद्युत निगम में शिकायत करने पर तीन महीने तक चेक मीटर लगाया गया। फाल्ट मानते हुए सात जनवरी को दूसरा मीटर लगाया गया, लेकिन फिलहाल उन्हें बिल नहीं मिल पा रहा है।
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बाबूराम सर्राफ नगर निवासी राजकिशोर ने भी स्मार्ट मीटर में खराबी बताते हुए अधिक बिल आने की शिकायत की है। उन्होंने विभाग से चेक मीटर लगाने के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी तक मीटर नहीं लगाया गया है। खीरी टाउन के मोहल्ला बाजार, जोशी टोला, बुखारी टोला, पट्टीरामदास और शेख सराय में भी स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।
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तीन महीनों से बिल निकालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन न तो एसएमएस के माध्यम से बिल निकल रहा और न ही मीटर रीडर आया। अगर एक साथ बिल आएगा तो चुकाना मुश्किल हो जाएगा। यह समस्या पूरे कस्बे की है।
-अली अहमद, खीरी टाउन
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एक साल पहले मेरी गैर मौजूदगी में कर्मचारियों ने स्मार्ट मीटर लगा दिया। इसके बाद भी बिल प्राप्त नहीं हुआ। कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ।
-अधिवक्ता राजेंद्र अग्निहोत्री, गोला
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प्रचार-प्रसार का अभाव
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिये आता है, लेकिन अधिकांश उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी ही नहीं है। निर्देश है कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिल प्रक्रिया की जानकारी दी जाए, लेकिन प्रचार-प्रसार में लापरवाही की शिकायतें सामने आ रही हैं।
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लखीमपुर सर्किल में 55 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें करीब 53 हजार की फीडिंग हो चुकी है। स्मार्ट मीटर लगाने वाली टीम जब नए मीटर की डिटेल के साथ पुराना मीटर जमा कराती है, तभी फीडिंग संभव होती है।
-राजीव कुमार, अधिशासी अभियंता (मीटर)
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स्मार्ट मीटरों की फीडिंग की पेंडेंसी बहुत कम है। अनुमानित 1700 के आसपास। इसे तीन-चार दिन में पूरा कर लिया जाएगा। स्मार्ट मीटर लगने के 10 से 15 दिन में बिल मोबाइल फोन पर एसएमएस से आने लगता है। यदि किसी को बिल नहीं मिल रहा तो उसमें कोई अन्य तकनीकी दिक्कत हो सकती है।
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-ब्रम्ह पाल, अधीक्षण अभियंता
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