आरोपी भाई 24 दिसंबर को बहाने से बहन को तेलियार लेने पहुंचा और साइकिल पर बिठाकर घर के लिए चला। शारदानगर चौराहे पर बगौड़ी (वजनदार हथियार) खरीदी। सूरज ढलने के इंतजार में जानबूझ कर वह देर करता रहा। शराब पी और अंधेरा होने पर बगौड़ी से बहन पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। शव नाले के किनारे फेंककर घर चला गया।
खुलासे पर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं
ग्रामीणों में चर्चा है कि जिस जगह युवती की लाश मिली, वहां से उसके गांव की कोई खास दूरी नहीं है। बावजूद कई दिनों तक शव की शिनाख्त न होने की बात किसी के गले नहीं उतर रही। पुलिस को अज्ञात में शव का अंतिम संस्कार कराना पड़ा। शव की हालत और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुलिस को उलझा दिया था। पुलिस के मुताबिक उस वक्त किसी युवती के लापता होने की सूचना भी नहीं थी। ऐसे में लोगों में सवाल है कि मौत का राज खुलने में आखिर इतने दिन क्यों लगे।