बैसाख अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने पौराणिक गोकर्ण तीर्थ में डुबकी लगाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। भक्तों ने गोकर्ण तीर्थ तट पर भगवान सत्यनारायण की सपरिवार कथा सुनकर पुण्य कमाया। श्रद्धालुओं ने सत्तूदान किया और सत्तू का प्रसाद ग्रहण किया।
बैसाख अमावस्या पर मंदिर के पुजारी पं. दिनेश मिश्र ने ब्रह्ममुहूर्त में भगवान शिव के मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए। श्रद्धालु गोकर्ण तीर्थ में स्नान कर हाथों में पुष्प, गंगाजल, धतूरा, विल्वपत्र, शमीपत्र, भांग, धूप, दीप, दुग्ध से भगवान शिव का अभिषेक कर पूजन अर्चन किया। बम बम भोले के जयकारों और घंटानिनाद से मंदिर परिसर का वातावरण गुंजायमान हो उठा।
बेलरायां। सेतुवाही अमावस्या पर मोटे बाबा के मंदिर से सटे सरयू नदी में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की। इससे मंदिर पर लगी चूरा, लइया, बताशा, मिठाई, चाट, बिसातखाना की दुकानों पर ग्राहकों की खासी भीड़ लगी रही।
तिकुनियां। सिखों के पवित्र तीर्थस्थल कौड़ियाला गुरुद्वारे में सेतुवाही अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा सरोवर और कौड़ियाला नदी में स्नान किया। इसके बाद गुरुद्वारे में मत्था टेककर लंगर छका। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ से मोतीपुर कौड़ियाला मार्ग पर जाम जैसी स्थिति बनी रही। गुरुद्वारे के जत्थेदार बाबा काला सिंह ने बताया कि पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन हो गया है।