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Lakhimpur Kheri News: नदी में समाया ग्रंट 12 का शिव मंदिर

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खेतों में भरे पानी में गल रही गन्ने की फसल। संवाद
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महेवागंज/फूलबेहड़। निघासन तहसील के ग्रंट नंबर 12 में शारदा नदी कहर बन कर टूट रही है। लगातार कटान कर रही शारदा ने बृहस्पतिवार शाम छह बजे गांव किनारे भोलेनाथ के प्राचीन शिव मंदिर को निगल लिया।
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नदी की तेजधार में पूरा मंदिर समा गया। मंदिर में रखीं मूर्तियां भी नदी में समा गईं। गांव में पिछले तीन सप्ताह से नदी कटान कर रही है। बुधवार को शिवकुमार घर कट गया था। बीते तीन सप्ताह में गांव के आठ घर नदी में समा चुके हैंं। बृहस्पतिवार शाम को भोलेनाथ का मंदिर भी नदी में समा गया। पानी कम होने से शारदा नदी का कटान तेज हो गया है। नदी तेजी से गांव में कटान कर रही है।
सिंचाई विभाग हर संभव कटान रोकने की कोशिश कर रहा है, मगर अब तक कामयाब नहीं हो सका है। कटान तेजी से देख ग्रामीणों में हड़कंप है। ग्रामीण अपनी आखों के सामने अपने घर नदी में समाते देखने को विवश हैं। गुरुवार को एसडीएम निघासन ने गांव और नदी के कटान का निरीक्षण किया। राजस्व कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए।
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एक महीने से खेतों में भरा पानी, फसलों को नुकसान
-पानी भरे रहने से सूखने लगी गन्ने की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजुआ। गोला क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रामनगरकलां, रामेश्वरापुर, बझेड़ा समेत दस से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भरा है। एक महीने से लगातार पानी भरे रहने से गन्ने व धान की फसल का नुकसान बढ़ गया है।

किसानों ने बताया, कि धान की फसल से तो उम्मीद छोड़ ही चुके हैं। गन्ने की फसल से थोड़ी उम्मीद थी, लेकिन वह भी लगातार पानी भरे रहने से सूखने लगी है। क्षेत्र में हर साल बाढ़ का खतरा रहता है। इसलिए किसान गन्ने की खेती को प्राथमिकता देते हैं। आमतौर पर गन्ना बाढ़ में भी बच जाता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है।
रबी की फसल की बोआई की चिंता भी किसानों को सता रही है। तहसील के अधिकारी क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं, लेकिन मुआवजे को लेकर कोई आश्वासन नहीं दे रहे हैं।
क्षेत्रीय लेखपालों का कहना है, कि अभी कोई विशेष बाढ़ नहीं आई है, इसलिए मुआवजा नहीं दिया जा सकता। किसानों ने सरकार से बाढ़ और कटान से प्रभावित फसलों का मुआवजा देने की मांग की है, जिससे उनके परिवारों को कुछ राहत मिल सके।
तहसीलदार गोला भीमचंद ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई फसलों का मुआवजा दिलाया जाएगा। अभी धान की फसल के नुकसान का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। नुकसान के आधार पर मुआवजा राशि किसानों को दी जाएगी। गन्ने का सर्वे बाद में कराया जाएगा।

खेतों में भरे पानी में गल रही गन्ने की फसल। संवाद

खेतों में भरे पानी में गल रही गन्ने की फसल। संवाद

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