गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2022 की चुनावी सभा में शिव मंदिर कॉरिडोर की घोषणा की थी। कई अड़चनों के बाद वर्ष 2024 में कैबिनेट से मंजूरी मिलने के साथ ही 19418.992 वर्ग मीटर में भव्य कॉरिडोर की निर्माण प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन एक वर्ष से अभी निर्माण कार्य प्रारंभिक चरण में ही है। धीमी रफ्तार को देखते हुए निर्धारित समयावधि मार्च, 2026 तक काम पूर्ण होना संभव नहीं लग रहा है।
शनिवार को जिला मुख्यालय पर हुई समीक्षा बैठक में नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस ने कॉरिडोर की धीमी गति पर सख्त लहजा अपनाया था। उन्होंने जिम्मेदारों से लेटलतीफी का कारण भी पूछा था, लेकिन वे जवाब नहीं दे सके थे। फरवरी, 2024 में कार्यकारी संस्था यूपीपीसीएल को टेंडर होने के बाद दिसंबर से निर्माण शुरू हुआ।
ध्वस्तीकरण में नजूल भूमि पर बनीं धर्मशालाओं समेत 12 भवन, नगर पालिका परिषद के सात और जिला पंचायत की 13 दुकानों सहित 50 से अधिक भवन ध्वस्त किए गए। इस दौरान कई पक्षकार ध्वस्तीकरण के खिलाफ हाईकोर्ट में चले गए। इसमें निस्तारण न होने से कई निर्माण अब भी कॉरिडोर पर क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
अस्त-व्यस्त पड़ा है आंबेडकर तिराहा
-कॉरिडोर में आंबेडकर तिराहे का विशेष सुंदरीकरण होना है। इसका अतिरिक्त क्षेत्रफल करीब 800 वर्ग मीटर रहेगा। आंबेडकर पार्क के सामने अलीगंज मार्ग के साथ एक और मिल डायवर्जन मार्ग है। दूसरी ओर भी मार्ग निकाला जाएगा। दोनों ओर के मार्ग करीब 20-20 मीटर चौड़े होंगे। आंबेडकर तिराहे के सुंदरीकरण की जद में आए मिल डायवर्जन मार्ग स्थित सुलभ शौचालय और नगर पालिका परिषद की सात दुकानों को एक वर्ष पहले ढहा दिया गया था, तब से यह स्थान मलबे के ढेर में अस्त-व्यस्त पड़ा है।
अभी फाउंडेशन वर्क (प्रारंभिक चरण का निर्माण) कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के जेई विवेक बाजपेई एवं नितिन सिंह ने बताया कि तीर्थ के दक्षिण तीन मंजिला यात्री हाॅल, सीढ़ियां, कैफेटेरिया, मुख्य द्वार, रिटेनिंग एवं बाउंड्रीवॉल और रास्तों का निर्माण कराया जा रहा है। अभी सावन में एक महीने से अधिक कार्य बंद रहा। इससे पूर्व भी बीच-बीच में कार्य रोकना पड़ा है। अभी प्रारंभिक चरण का कार्य कराया जा रहा है। बरसात का सीजन है। काम को निर्धारित समय में पूर्ण करने का प्रयास रहेगा।
प्रस्तावित कॉरिडोर में ये होने हैं काम
-राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 368, 364, 363, 369, 379 से 1.932 हेक्टेयर (लगभग 5 एकड़) भूमि पर बनेगा कॉरिडोर।
-लाइट एंड साउंड से सजेगा गोकर्ण तीर्थ।
-तीर्थ के जल को शुद्ध करने के लिए ऑक्सीडेशन प्लांट, बाउंड्रीवॉल, स्टोन पाथवे, प्रवेश द्वार, कैंटीन ब्लॉक,यात्री हाल, सीसी कैमरे से लैस कंट्रोल रूम, शौचालय, कॉरिडोर परिसर के मार्गाों का चौड़ीकरण और स्ट्रीट लाइट।
-कॉरिडोर में एक प्रवेश और वीआईपी सहित रहेंगे दो मुख्य मार्ग।
-स्टेशन रोड स्थित अंगद धर्मशाला को हटाकर जिला पंचायत की भूमि से होते हुए कॉरिडोर का प्रवेश और विधायक आवास के सामने से वीआईपी मार्ग सहित दो मुख्य रास्ते रहेंगे। 12 मीटर चौड़े मुख्य मार्ग का निर्माण भी शुरू हो गया है।