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शिक्षामित्रों ने मांगी इच्छा मृत्यु

Mon, 14 Sep 2015 07:09 PM IST
लखीमपुर खीरी।
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हाईकोर्ट के निर्णय के बाद सहायक अध्यापक पद पर समायोजित हुए शिक्षामित्रों ने ब्लाक मुख्यालय पर स्थित बीआरसी केंद्रों पर बैठकें की और राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की। कई स्थानों पर जुलूस निकालकर प्रदर्शन भी किए गए।
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गोला गोकर्णनाथ। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के ब्लाक अध्यक्ष सर्वेश वर्मा और विजय पाल वर्मा के नेतृत्व में कंजा बीआरसी पर शिक्षामित्रों की बैठक में इच्छा मृत्यु की मांग की गई। इस मौके पर नसरीन, सर्वेश कुमार वर्मा, विवेश कुमार, नीलेश वर्मा, अनिल सिंह, योगेश पाल, राकेश वर्मा, तौहीद बेग, रमेश पाल, धर्मवीर आदि शिक्षा मित्र मौजूद रहे।
पलियाकलां। सहायक अध्यापक पद पर समायोजित हुए सभी शिक्षामित्र बीआरसी पर एकत्र हुए और वहां एक बैठक की। बैठक में कहा गया कि वे सब करीब 14 वर्षों से शिक्षामित्र के पद पर रहते हुए ग्रामीण अंचल के नौनिहालों को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से शिक्षित करने का कार्य करते आ रहे हैं। उन्हें शिक्षण का पूर्ण ज्ञान हैं और उसके बाद ही सरकार ने उन्हें सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया था, लेकिन हाईकोर्ट के निर्णय ने उन्हें आर्थिक तंगी के कगार पर पहुंचाने का कार्य कर दिया है। इस मौके पर आफताब आलम,  जयप्रकाश, सुधीर कुमार, राकेश कुमार, श्रीकृष्ण, नंदलाल, हिजकमल नाथ तमाम लोग मौजूद रहे।
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मोहम्मदी। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन एवं उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की ओर से सैकड़ों शिक्षामित्रों ने जुलूस निकाला तथा राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार दशरथ कुमार को सौंपा, जिसमें इच्छा मृत्यु की मांग की गई।
निघासन। यहां पर भी शिक्षामित्रों ने जमकर नारेबाजी करते हुए राज्यपाल और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। इस दौरान शिक्षामित्र संघ महामंत्री शैलेष श्रीवास्तव, शरद विश्वकर्मा, कमला देवी, रजनीश के साथ तमाम लोग मौजूद रहे।
मितौली। शिक्षामित्र शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर इच्छा मृत्यु की मांग की। इस मौके पर प्रमोद वर्मा, रेनू भार्गव, संतोष अवस्थी, उमाकांत सुक्ला, राधा सिंह, अब्बास, ओमपाल सिंह सहित सैकड़ों शिक्षामित्र मौजूद रहे।
धौरहरा। रमियाबेंहड के शिक्षामित्रों ने बीडीओ को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देते हुए इच्छा मृत्यु की मांग की है।
जंगबहादुरगंज। शिक्षामित्रों ने ब्लॉक पसगवां बीआरसी पर सोमवार को धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस दौरान बैठक कर हाईकोर्ट के निर्णय का विरोध किया गया।
बांकेगंज। बीआरसी पर आयोजित बैठक में जिला शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन संघर्ष समिति अध्यक्ष कमलेश संख्वार ने शिक्षामित्र साथियों और समायोजित शिक्षकों से कोर्ट का निर्णय आने तक धैर्य से काम लेने की अपील की। इसके अलावा जिलाध्यक्ष पुत्तूलाल ने भी प्रदेश कमेटी के निर्देश के अनुसार कार्य करने की बात कही। इस दौरान शिक्षामित्रों ने एक प्रस्ताव पारित कर निर्णय किया कि मंगलवार को ब्लाक के समस्त शिक्षामित्र और सामायोजित शिक्षक राष्ट्रपति को इच्छा मृत्यु के लिए प्रत्यावेदन भेजेंगे। इस मौके पर असजद खां, रवी प्रकाश, नीलम वर्मा, नन्हीं देवी, रमेश शुक्ला, सोनी चौधरी आदि मौजूद रहे।
नकहा। शिक्षामित्र संघ के सूबेदार सिंह, विशेष शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा मित्रों ने चहमलपुर बीआरसी पर धरना दिया और इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए बीडीओ को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर गीता सिंह, गंगाराम, उमेश, धीरेंद्र सिंह समेत तमाम शिक्षा मित्र मौजूद रहे।
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शिक्षा मित्रों के विरोध से नहीं खुला स्कूल
अमीरनगर। न्याय पंचायत अमीरनगर में कुल 25 प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें 20 विद्यालयों की समायोजित शिक्षकों के हाथों में बागडोर थी। यहां सोमवार को स्कूलों में तालाबंदी रही। इसके विपरीत प्राथमिक विद्यालय गंगापुर ग्रंट, यासीनपुर, लखा, रसूलपुर, गरदहा आदि स्कूलों में शिक्षण कार्य हुआ। ये प्राथमिक शिक्षक तैनात हैं। ब्लाक कुंभी के समायोजित शिक्षक एवं संगठन के महामंत्री तौहीद बेग ने सभी अनुदेशकों, प्रेरकों से सहयोग की अपील की।
ममरी। प्रशिक्षु शिक्षकों, शिक्षामित्रों की हड़ताल के चलते न्याय पंचायत छितौनियां, अहमदनगर क्षेत्र के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय खोखाय, तेलियाकुंडा, धिरावाए न्याय पंचायत ममरी में हैदराबाद, परसेला और न्याय पंचायत रोशननगर क्षेत्र में सभी प्राथमिक विद्यालय सोमवार को बंद रहे। ये विद्यालय इंचार्ज शिक्षामित्रों के बल पर संचालित हो रहे थे। इन विद्यालयों के सेवारत प्रशिक्षु शिक्षकों ने विद्यालय बंद कर न्याय पंचायत मुख्यालय के विद्यालयों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
उचौलिया। ब्लॉक पसगवां के प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात शिक्षामित्र शिक्षकों ने अपने स्कूलों में शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया। इस दौरान स्कूल मे पहुंचे प्रशिक्षु शिक्षकों को भी शिक्षण कार्य नहीं करने दिया गया और स्कूलों मे तालाबंदी कर दी गई।
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जिले की शिक्षण व्यवस्था  चरमराई
क्रासर
नहीं खुले कई विद्यालयों के ताले
लखीमपुर खीरी। हाईकोर्ट के फैसले से आहत शिक्षा मित्रों ने सोमवार को कार्य बहिष्कार किया। इससे जिले की शिक्षण व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। शिक्षामित्रों के बहिष्कार के चलते कई विद्यालयों के ताले ही नहीं खुलेष कई विद्यालयों में ताला खुला भी तो उनमें न पढ़ाई हो पाई और न ही बच्चों को मध्याह्न भोजन मिल पाया।
जिले में अब तक शिक्षकों की कमी पूरी तरह से दूर नहीं हो पाई है शिक्षण व्यवस्था को सुचारु रूप देने में शिक्षामित्र अहम भूमिका निभा रहे थे। यहां तक कि जिले में अधिकतर विद्यालयों का पूरा कार्य शिक्षामित्र ही देख रहे थे। जब शिक्षा मित्रों को सरकार ने सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया तो लगभग 1600 ऐसे विद्यालय जो बंद थे, जहां एक भी शिक्षक नहीं था वहां इन्ही शिक्षामित्रों को तैनात किया गया। इसके अलावा अब तक कई विद्यालय ऐसे भी हैं जहां एकल शिक्षामित्र के सहारे ही व्यवस्था चलाई जा रही थी हालांकि इस वर्ष जिले में लगभग 4000 प्रशिक्षु शिक्षकों की तैनाती हुई लेकिन अब तक प्रशिक्षु शिक्षकों की प्रशिक्षण अवधि ही रही। पिछले माह ही शिक्षा मित्रों की परीक्षा हो पाई है अब तक इन शिक्षकों की मौलिक नियुक्ति नहीं हो पायी है। इसलिए इन विद्यालयों की सारी व्यवस्था शिक्षामित्रों के ही जिम्मे थी। अचानक शिक्षा मित्रों का समायोजन रद् करने के हाईकोर्ट के फैसले से आहत शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी जिससे जिले में सैकड़ों की संख्या में विद्यालय खुल ही नहीं पाए। जहां खुले भी वहां पठन पाठन नहीं हो पाया। शिक्षामित्रों के कार्य बहिष्कार का सीधा असर शिक्षण व्यवस्था पर पड़ा है।
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शिक्षण व्यवस्था में सहयोग करें शिक्षामित्र
जिले में लगभग 1600 विद्यालय ऐसे हैं जिनकी व्यवस्था शिक्षामित्र ही देखते थे लेकिन अब इन सभी विद्यालयों में प्रशिक्षु शिक्षकों की नियुक्ति हो गई है। इसलिए शिक्षण व्यवस्था पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा है। निश्चित तौर पर शिक्षामित्र आहत हैं। सरकार सहित विभाग की सहानुभूति शिक्षामित्रों के साथ है। शिक्षामित्रों से अपील करते हैं वे कि धैर्य बनाए रखें तथा शिक्षण व्यवस्था में हमेशा की तरह सहयोग दें।
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-डॉ.ओपी राय, बीएसए खीरी
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