बांकेगंज। त्योहारों के बाद अब लोग लगन की तैयारी में जुट गए हैं। पांच माह बाद भगवान विष्णु 12 नवंबर को देवोत्थानी एकादशी पर योग निद्रा से जागृत होंगे। इस बार इस दिन त्रिस्पर्शा योग भी बन रहा है। इसके साथ ही चतुर्मास का समापन होगा। 118 दिन बाद वैवाहिक लगन की शुरुआत होने से बाजार में उत्साह दिखने लगा है।
छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के ज्योतिषाचार्य पंडित रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि देवोत्थानी एकादशी के साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगा विराम हट जाएगा और वैवाहिक आयोजन शुरू हो जाएंगे। ऐसी मान्यता है कि आषाढ़ माह की देवशयनी एकादशी से चतुर्मास की शुरुआत होती है। इसके साथ ही मांगलिक कार्य रुक जाते हैं। इस साल 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी से मांगलिक कार्य रुके थे।
118 दिन बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर 12 नवंबर को भगवान विष्णु योग निद्रा से जागेंगे। इस दिन तुलसी और शालिग्राम की शादी होगी। इसके साथ ही वैवाहिक आयोजन शुरू होंगे।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि हरिप्रबोधनी एकादशी का व्रत 12 नवंबर को मनाया जाएगा। 16 दिसंबर 2024 से 15 जनवरी 2025 तक एक महीने खरमास के कारण विवाह नहीं होंगे। मकर संक्रांति के बाद फिर से शादियां शुरू हो जाएंगी।
इंसेट
वैवाहिक मुहूर्त
2024 के विवाह मुहूर्त
नवंबर- 12, 22, 23, 24, 25 और 26
दिसंबर- 2, 3, 4, 5, 9, 10, 13 और 15
......................................................
2025 में विवाह मुहूर्त
जनवरी- 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22 और 23
फरवरी- 3, 6, 7, 12, 13, 15, 18, 20, 21, 22 और 25
मार्च- 1, 2, 3, 6, 7 और 12
अप्रेल- 16, 18, 20, 29 और 30
मई- 1, 5, 6, 7, 8, 15, 17, 18, 22, 23 और 28
जून- 2, 4, 7 और 8
...........