धनगढ़ी। हर साल की तरह इस बार भी सर्दी मौसम का समय काटने के लिए साइबेरियन पक्षियों की नेपाल के कैलाली व कंचनपुर जिले के घोड़ाघोड़ी व पुरैना ताल में आवाजाही शुरू हो गई है। सर्दी के मौसम में विदेशी पक्षियों के तालों में रुकने से ताल-तलैयों में रौनक देखने के साथ ही सैलानियों की चहल-पहल भी बढ़ जाती है।
साइबेरिया व उत्तरी क्षेत्र में भीषण ठंड से बचने के लिए साइबेरिया, मंगोलिया और रूस से जलपक्षी हर साल नेपाल के ताल-तलैया में आकर सर्दी भर के लिए अपना डेरा जमा लेते हैं। इस साल भी कैलाली के घोड़ाघोड़ी में बनी वर्ड सेंचुरी ताल समेत नकरोड़, महादेव, लौकाहा, भौकाहा, चिरैया, कोइलही, सोनिया, रूपियाहा, जनमेहटा व घोड़ा तालों में इनकी आमद शुरू हो गई है।
कंचनपुर जिले के पुरैना समेत अन्य तालों में सिंदूरी हंस, हरे गले वाले हंस, लंबी पूंछ वाले हंस, पनडुब्बी चिड़िया, जलेबा समेत पक्षियों की विभिन्न प्रजाति के साइबेरिया व विदेशी जलपक्षी हजारों किलोमीटर का सफर तय कर आ चुके हैं। यह नवंबर से फरवरी माह तक इन तालों में रूककर वापसी करेंगे। सर्दी के मौसम के अंत में यह अपने देशों के लिए भारत होते हुए श्रीलंका के रास्ते से वापसी करते हैं।
इन दिनों नेपाल के ताल-तलैया में विदेशी पक्षियों के आने से रौनक बनी हुई है। जो सैलानियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बता दें कि विदेशी पक्षियों के अलावा भी घोड़ाघोड़ी ताल में 70 और भजनी नगर पालिका के पुरैना ताल में करीब 74 प्रजाति के जल पक्षी निवास करते हैं।
नेपाल के घोड़ाघोड़ी ताल में कलरव करते साइबेरियन पक्षी। फाइल फोटो