फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शुभ मुहूर्त पर खूब बजीं शहनाई, 400 जोड़ों ने लिए फेरे

विज्ञापन
प्रतीकात्मक
विज्ञापन
शहर से लेकर कस्बे के बरात घरों में बैंडबाजा और बरात की रही धूम
विज्ञापन

लखीमपुर खीरी। अक्षय तृतीया के दिन जिलेभर में बैंड-बाजा-बरात की धूम रही। अबूझ मुहूर्त के दिन करीब 400 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। वहीं शादी से पहले होने वाली रिंग सेरेमनी सहित अन्य तमाम मांगलिक कार्यक्रम भी खूब हुए। इस विशेष मुहूर्त के चलते शरह से लेकर कस्बों में स्थित बरात घर, होटल आदि पहले से ही बुक थे। दो साल बाद बिना बंदिश के हो रहे वैवाहिक कार्यक्रमों को लेकर हर तरफ खुशी का माहौल था। एक दिन में सैकड़ों शादियां होने से प्रत्यक्ष एवं प्रत्यक्ष रूप से रोजगार पाने वालों के चेहरे भी प्रसन्न दिखे।
बैसाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीय तिथि अक्षय तृतीया होती है। इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था और आज के ही दिन बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते हैं। ऐसे में इस दिन को विशेष शुभ माना जाता है। मान्यता है अक्षय तृतीया के दिन जो भी शुभ कार्य होते हैं वह अक्षय हो जाते हैं। अक्षय का अर्थ है कि जो कभी खत्म न हो। इसलिए अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। इसदिन मांगलिक कार्य से लेकर खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है। इसलिए अधिकतर लोग शादी विवाह से लेकर अन्य मांगलिक कार्य के लिए इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
विज्ञापन

मंगलवार को जिले भर में वैवाहिक कार्यक्रमों की धूम रही। करीब 400 जोड़ों ने परिणय सूत्र में बंधकर शादी के बंधन को अमर बनाने का संकल्प लिया। इसकेे लिए जिनके बेटे व बेटी का विवाह होना था उन्होंने विशेष कर इस दिन के लिए होटल और बारात घर पहले से ही बुक करवा रखे थे। मंगलवार को शहर से लेकर गांव में हर ओर बैंड बाजा बारात की धूम रही।
जिले में बरात घर और होटल

एक दिन की शादी से कई लोगों को मिला रोजगार
मंगलवार का दिन उन हजारों लोगों के लिए कल्याणकारी साबित हुआ, जो लोग शादी से लेकर विवाह स्थल, बैंड-बाजा, घोड़ी, फूलवाले, लाइट डेकोरेशन, केटरिंग, हलवाई, सामान उठाने वाले, मालवाहक आदि से काम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहते हैं। एक बारात में करीब 40 से 50 लोगों को रोजगार मिलता है। मैरिज होम एसोसिएशन के लोगों ने बताया कि मंगलवार को जिले में करीब 400 शादियां हुईं। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिला।
अक्षय तृतीय के दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। इसलिए अधिकतर लोग इस अबूझ मुहूर्त में ही वैवाहिक एवं अन्य मांगलिक कार्य करने को प्राथमिकता देते हैं। जिले भर में करीब 400 से अधिक शादियां हुई हैं।
विज्ञापन

- योगेश जोशी, संचालक बरात घर
जिले में बरात घर, होटल आदि की संख्या करीब 150 से अधिक होगी। आज के दिन न तो कोई बरात घर खाली होगा और न ही कारीगर। गर्मी के दिनों में शहर से ज्यादा गांवों में शादी बरात होती हैं। इसलिए जिले भर में मंगलवार को 400 शादियां होने का अनुमान है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें