शारदीय नवरात्र के लिए सोमवार को दिन भर जोरदार तैयारियां जारी रहीं। देवी मंदिरों को रंग रोगन कर फूलों की लड़ियों और बिजली की रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। स्थापना के लिए मूर्तिकार देवी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। संकटा देवी मंदिर में दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए बैरीकेडिंग की गई। यहां मंगलवार की सुबह कलश स्थापना और मूर्ति स्थापना की जाएगी। मूर्ति की स्थापना के लिए संकटा देवी मंदिर में एक भव्य पंडाल बनाया गया है।
शारदीय नवरात्र के चलते सोमवार को बंदी के बावजूद बाजार में काफी रौनक रही। लोगों ने घरों में कलश स्थापना के लिए मिट्टी के कलश, पूजन सामग्री, नारियल, पान, चुनरी और शृंगार सामग्री आदि की खरीदारी की। देवी की छोटी प्रतिमाएं और देवी के चित्र पोस्टर आदि के साथ दुर्गा सप्तशती की जमकर बिक्री हुई। पूजन और फलाहार के लिए दूध, फल, मीठा आदि की जमकर खरीदारी की गई।
इन मंदिरों में उमड़ेगी दर्शनार्थियों की भीड़
शहर के प्राचीन संकटादेवी मंदिर में स्थापित देवी प्रतिमा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा स्थापित बताई जाती है। मां संकटादेवी मां महालक्ष्मी के स्वरूप के रूप में पूजित हैं। यह मंदिर केवल खीरी जिले में ही नहीं बल्कि आसपास के कई जिलों में गहन आस्था का केंद्र हैं। शहर के मध्य स्थित मां शीतला देवी यहां महागौरी के रूप में तो मां वंकटादेवी की प्रतिमा महा सरस्वती के रूप में पूजित हैं। इन मंदिरों में पूरी नवरात्र धार्मिक आयोजन होते हैं। यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।