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Lakhimpur Kheri News: पलिया रोड के दोनों ओर पहुंचा शारदा का पानी

Sun, 23 Aug 2026 12:29 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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लुधौरी स्कूल परिसर में भरा बाढ़ का पानी।संवाद - फोटो : सांकेतिक
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लखीमपुर खीरी/निघासन। शारदा और मोहाना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से निघासन क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पलिया रोड के दोनों ओर शारदा का पानी पहुंच गया है।
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दक्षिण वन रेंज निघासन परिसर में भी जलभराव हो गया है। लुधौरी गांव के संविलियन विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय और आयुष्मान आरोग्य मंदिर परिसर में पानी पहुंचने के साथ कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं। करीब 24 से अधिक गांव प्रभावित हैं।
शारदा और मोहाना के बढ़ते जलस्तर से लुधौरी आंशिक गांव के नया पुरैना व पुराना पुरैना, गोविंदपुर, रानीगंज, सेमरापुरवा, शिवलालपुरवा, बिहारीपुरवा, अंबरपुरवा, दौलतापुर के हुलासीपुरवा व सुरजीपुरवा, बैलहा के चंदनपुरवा, जीतपुरवा, ठाकुरपुरवा, झौव्वापुरवा, खमरिया, मंडप फार्म और तमोलिनपुरवा प्रभावित हुए हैं। करीब 12 गांवों में रात के समय पानी तेजी से बढ़ा।
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जीतपुरवा निवासी उत्तम कुमार ने बताया कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बावजूद अभी तक अधिकारियों से मदद नहीं मिली है। रविप्रताप सिंह के अनुसार, अब तक कोई अधिकारी गांव की स्थिति देखने नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की।

गांव-गांव पहुंचे एडीएम, परखी राहत की रफ्तार
शनिवार को एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने निघासन तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। जसनगर में बाढ़ की स्थिति, प्रभावित आबादी और राहत व्यवस्था का जायजा लेने के बाद वह जीतपुरवा पहुंचे। यहां ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
एनडीआरएफ, एसएसबी, राजस्व और पुलिस टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। एडीएम ने कहा कि प्रभावित परिवारों तक खाद्यान्न समेत जरूरी राहत तत्काल पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी परिवार को जरूरत होने पर संबंधित टीम तत्काल सहायता उपलब्ध कराए।
एडीएम ने कहा कि पानी कम होने तक ही नहीं, परिस्थितियां सामान्य होने तक टीमें सक्रिय रहकर लोगों की मदद करें।
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एसडीएम बोले, गांवों में बांटी जा रही राहत
एसडीएम यदुवीर सिंह ने बताया कि जिन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच रहा है, वहां लंच पैकेट और राहत किट वितरित की जा रही हैं। करीब एक दर्जन गांवों में रात के समय पानी तेजी से बढ़ा है। वह राजस्व टीम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के साथ गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
नया पुरैना निवासी शांति पत्नी बनवारी और माया देवी पत्नी संतराम, राजकिशोर ने राहत वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मुंह देखकर राहत किट और लंच पैकेट बांटे गए।
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दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने से हो सकता है लेप्टोस्पायरोसिस
बाढ़ के बाद जलजनित और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। संक्रमित पशुओं के मूत्र से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने से लेप्टोस्पायरोसिस हो सकता है। शरीर पर कट या घाव होने पर संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। जरूरी होने पर जूते या गमबूट पहनें और शरीर के खुले हिस्सों को दूषित पानी से बचाएं। पानी के संपर्क में आने के बाद हाथ-पैर साबुन और साफ पानी से धोएं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि लेप्टोस्पायरोसिस में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना, उल्टी और आंखों में लालिमा जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर खुद दवा लेने के बजाय चिकित्सक से जांच और उपचार कराना चाहिए।

लुधौरी स्कूल परिसर में भरा बाढ़ का पानी।संवाद- फोटो : सांकेतिक

लुधौरी स्कूल परिसर में भरा बाढ़ का पानी।संवाद- फोटो : सांकेतिक

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