नदी में लापता दोनों युवकों की तलाश में जुटी एनडीआरएफ। संवाद
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तिकुनिया। मोहाना नदी में नाव पलटने के बाद दूसरे दिन भी पानी में बहे रंजीत और बलराम का सुराग नहीं लगा। एनडीआरएफ की टीम शनिवार को भी नदी में सर्च अभियान चलाती रही, लेकिन समाचार लिखे जाने तक दोनों का पता नहीं चल सका था। नदी किनारे परिजन और ग्रामीण अपनों के मिलने की आस में डटे रहे।
बलराम की पत्नी उर्मिला और रंजीत की पत्नी राजकुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। रोजाना की तरह शुक्रवार को रंजीत, बलराम, अशोक और रंजीत का पुत्र रामकुमार मोहाना नदी के पार बटाई के खेतों में खाद डालने और घास लेने गए थे। चारों नाव से ही लौट रहे थे। नदी किनारे पहुंचने से पहले तेज धार के झोंके से नाव पलट गई। रंजीत पुत्र कल्लू और बलराम पानी में बह गए, जबकि अशोक और रामकुमार तैरकर सुरक्षित किनारे पहुंच गए।
हादसे की सूचना पर प्रशासन और ग्रामीणों ने दोनों की तलाश शुरू की। शनिवार को एनडीआरएफ की टीम ने नदी में सर्च अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। दोपहर करीब दो बजे एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और एनडीआरएफ को सर्च अभियान जारी रखने के निर्देश दिए।
नहर में समाए मनोज की तलाश में जुटी फ्लड पीएसी
खीरी टाउन। शारदा सहायक नहर में छलांग लगाने वाले नकहा क्षेत्र के पटेहरा निवासी मनोज (20) का दूसरे दिन शनिवार को भी पता नहीं चल सका। शुक्रवार दोपहर नहर में छलांग लगाने के बाद से उसकी तलाश जारी है। शनिवार सुबह फ्लड पीएसी के जवानों और स्थानीय गोताखोरों ने रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन देर तक कोई सुराग नहीं मिला।
परिजनों के अनुसार मनोज मानसिक रूप से अस्वस्थ है और करीब चार साल से उसका इलाज चल रहा है। शुक्रवार दोपहर वह शारदा सहायक नहर के पास पहुंचा और अचानक उसमें छलांग लगा दी। सूचना पर पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। शनिवार को फ्लड पीएसी भी अभियान में जुट गई। सदर तहसीलदार मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि रेस्क्यू अभियान जारी है, लेकिन अभी युवक का पता नहीं चला है। संवाद
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