पलिया भीरा रेल मार्ग पर अतरिया के पास होता रिसाव। स्रोत: सोशल मीडिया
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पास खतरा फिर बढ़ने लगा है। नदी का पानी रेलवे ट्रैक के किनारे तक पहुंच गया है और वहां से रिसाव शुरू हो गया है। पिछले वर्ष इसी स्थान पर हुए कटाव को देखते हुए ग्रामीण आशंकित हैं।
लगातार बारिश से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। भले ही अभी डिस्चार्ज अधिक नहीं है, लेकिन अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पास मिट्टी से हो रहा पानी का रिसाव चिंता बढ़ा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे धीरे-धीरे रेलवे ट्रैक के नीचे की जमीन खोखली हो सकती है। यदि स्थिति बनी रही तो पिछले वर्ष की तरह रेलवे लाइन कटने का खतरा पैदा हो सकता है।
ग्रामीणों को पिछले साल का वह मंजर याद है, जब रेलवे ट्रैक बचाने के लिए महंगापुर के बाबा गुरनाम सिंह के सेवादारों के साथ ग्रामीणों और किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रालियों से मिट्टी और बोरी भरकर दिन-रात मेहनत की थी। इस बार भी वैसे ही हालात बनते देख लोग चिंतित हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से समय रहते बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अभी रिसाव नहीं रोका गया तो बारिश बढ़ने पर स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। फिलहाल क्षेत्र के लोग प्रशासन की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।
तहसीलदार ज्योति वर्मा ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए 15 बाढ़ चौकियां और पांच बाढ़ केंद्र स्थापित किए गए हैं। चौकियों पर लेखपाल, कानूनगो, एएनएम और सफाई कर्मचारी तैनात रहेंगे, जबकि बाढ़ केंद्रों की जिम्मेदारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार संभालेंगे। मझगई, संपूर्ण नगर, श्रीनगर और बंसी नगर सहित प्रभावित गांवों में आवागमन के लिए नावों की व्यवस्था की जाएगी। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम दो नावों के साथ पलिया हवाई पट्टी पर तैनात है।