हर घंटे एक सेमी की हो रही गिरावट, ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी भरा है पानी
शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर पर आखिरकार विराम लग गया है। बनबसा बैराज से रिलीज किया जा रहा पानी अब बंद कर दिया गया है। जिसके कारण नदी का जलस्तर घटने लगा है। बीती रात से नदी का जलस्तर कम होना शुरू हुआ जो दोपहर एक बजे तक कम होता रहा लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। उधर भीरा क्षेत्र के गांवों में भी पानी घटने लगा है।
केन्द्रीय जल आयोग के स्थानीय कार्यालय में तैनात कनिष्ठ अभियंता जेई अतघुल कुमार पचौरी ने बताया कि बीती रात लगभग एक बजे शारदा नदी का जलस्तर 154.450 था और रात एक बजे से ही नदी ने घटना शुरू कर दिया। बताया कि हर एक घंटे पर एक सेमी नदी का पानी कम हो रहा था। जो रविवार को दोपहर एक बजे घटकर 154.350 सेमी पर रुक गया है। इसका कारण है कि बनबसा बैराज से पानी की रिलीजिंग बंद कर दी गई है। बताया कि इलाके में बीते 24 घंटे में 23.3 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है। उधर पानी कम होने के बाद भी नयापुरवा, खालेपुरवा, दुबहा, कचनारा, दौलतापुर, मझौरा, इमलिया, नानक फार्म आदि गांवों के साथ ही संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी बह रहा है।
बंधा हुआ क्षतिग्रस्त
शारदा नदी के पुल के सपोर्ट के लिए श्रीनगर गांव के पास बनाया गया बंधा नीचे से क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण वहां पर विशालकाय गड्ढा हो गया है।
नयापुरवा और दौलतापुर में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
गांव नयापुरवा में बीते साल हुए बाढ़ से नुकसान का मुआवजा न दिए जाने के कारण एकत्र हुए ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। गांव के शत्रोहन लाल, बलराम, अजय कश्यप, घनश्याम, छोटेलाल, रामभरोसे, राम मिलन आदि ग्रामीणों ने बताया कि हर साल यहां बाढ़ आती है, लेकिन प्रशासन की तरफ से मुआवजा नहीं मिलता है। बताया कि इस बार भी कोई भी प्रशासनिक अधिकारी यहां झांकने तक नहीं आया। उधर दौलतापुर के प्राइमरी स्कूल में पानी भरने से बाधित हुई पढ़ाई के बाद दर्जनों ग्रामीणों ने स्कूल में एक से दो फिट पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया।