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शारदा का जलस्तर घटा, पर भीरा रोड जलमग्न

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श्रीनगर गांव में चार फुट तक भरा है पानी
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अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पहले तक रोड पर करीब तीन फुट पानी तेज धार में है बह रहा
पलियाकलां। सोमवार को शारदा नदी के जलस्तर में गिरावट आई, लेकिन पानी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बाढ़ का पानी अब भी चीनी मिल के आवासीय परिसर में भरा हुआ है। मिल गेट से अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पहले तक रोड पर करीब तीन फुट पानी तेज धार में बह रहा है।
भीरा क्षेत्र के दौलतापुर, मटैहिया, बोझवा, कचनारा, इमलिया फार्म आदि गांव जलमग्न होने के कारण ग्रामीण ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। उधर, भीरा रोड पर बोझवा र्साइं मंदिर के पास स्थित रपटा पुल पर भी तीन फुट पानी चलने लगा है, जिससे लोग बाढ़ के पानी में होकर निकलने को मजबूर हैं।
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शारदा नदी से सटे श्रीनगर गांव में पानी घुसने के कारण यहां करीब चार फुट तक पानी भर गया है। इस कारण पक्के घर वाले भी घरों की छतों पर डेरा जमाए हैं, जबकि छप्परनुमा घर वाले सड़क किनारे तिरपाल आदि डालकर रहने लगे हैं। उनकी गांव में वापसी जलस्तर कम होने के बाद ही होगी।
मझगईं इलाके के गांवों में भी पहुंचा बाढ़ का पानी
मझगईं। नौगवां से खालेपुरवा जाने वाले डामर मार्ग पर बाढ़ का पानी चलने लगा है। करीब तीन फुट पानी से होकर ग्रामीण गुजर रहे हैं। वहीं चौरी, खालेपुरवा, नयापुरवा, दुबहा, कुंवरपुर कलां, विष्णुपुर आदि गांव के आसपास बाढ़ का पानी भरा हुआ है। संवाद
बिजुआ ब्लॉक के 50 गांवों में घुसा पानी
बिजुआ। ब्लॉक क्षेत्र में शारदा नदी के किनारे बसे करीब 50 गांवों में पानी घुसने से लोग मजबूरी में अपने घरों को छोड़कर रिश्तेदारी अथवा ऊंचे स्थानों की ओर चले गए हैं। गांव में कुछ लोग ही बचे हैं, वह भी दहशत में दिन गुजार रहे हैं।
ग्राम पंचायत करसौर, रुरासुल्तानपुर मेंहदी गुजारा, तनसुखपुरवा जोधपुर में रुरासुल्तानपुर, करसौर, जम्हौरा, देवरिया बेलासिकटिहा, मूसेपुर खुर्द, चंदपुरा जंगल नंबर सात समेत करीब 50 गांव जलमग्न हैं। गांवों के अंदर नाव से आना जाना हो रहा है। बाढ़ग्रस्त इलाके में जहरीले जीव जंतुओं से भी खतरा बढ़ गया है।
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करसौर के ग्राम प्रधान भगौती प्रसाद ने बताया कि रविवार को गोला के एसडीएम अखिलेश यादव ने नाव पर बैठकर कई मजरों का निरीक्षण किया था, लेकिन अब तक किसी को बाढ़ राहत सामग्री नहीं मिली है। बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई है। भूख से ग्रामीण बिलबिला रहे हैं, लेकिन उन तक कोई मदद नहीं पहुंची है। गांव वालों का कहना है कि ऐसा पहली बार है, जब उनका सब कुछ पानी में समा गया। वहीं करसौर के लेखपाल पंकज कुमार ने बताया कि डिमांड भेज दी गई है। राशन किट आते ही वितरण कराया जाएगा।
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