लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कई मार्ग भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
वनबसा बैराज से सोमवार शाम को छोड़ा गया करीब दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी देर रात शारदा नदी में आ गया। मंगलवार को भी लगातार पानी छोड़ा जाना कम न होने से शारदा नदी का जलस्तर और बढ़ गया। इससे लखीमपुर खीरी जिले में नदी खतरे के निशान 154.590 सेंटीमीटर से 49 सेंटीमीटर बढ़कर 155.080 पर पहुंच गई। हालांकि बाद में कुछ गिरावट दर्ज की गई। देर शाम तक नदी खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर ऊपर 155.060 पर बनी रही। इससे नदी के पानी ने पलिया शहर की सीमा पर भी दस्तक दे दी।
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पलिया-भीरा मार्ग पर चीनी मिल के आगे नगला जाने वाले मार्ग पर दो फुट पानी चलने लगा था। शहर सीमा पर स्थित पेट्रोल पंप के पीछे रास्तों पर भी पानी आ गया। मेलाघाट जाने वाला रास्ता भी पानी में डूब गया। पानी बढ़ने से पूर्व ही आजादनगर व बर्बादनगर गांव को प्रशासन ने खाली करा दिया था।
उधर, संपूर्णानगर क्षेत्र के भानपुरी खजुरिया में भी पानी घुस गया। इसके चलते वहां पर बाढ़ राहत दल को तहसील प्रशासन ने लगा दिया है। यहां हालांकि पानी कम है, फिर भी लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन एहतियात बरत रहा है। देर शाम पानी बढ़ व घट रहा था, जिससे आसपास के निचले गांवों के ग्रामीणों में दहशत फैली हुई थी।
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11 गांवों के 8550 लोग बाढ़ से प्रभावित
जिला आपदा विभाग के अनुसार गोला, पलिया व निघासन के 11 गांवों के 8550 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। संबंधित तहसील प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावितों को भोजन सहित अन्य मदद दी जा रही है। जिले में 19 जगह राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां बाढ़ प्रभावितों के ठहरने की व्यवस्था है, जबकि 38 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री किट दी जा रही है, जिसमें खाने-पीने से लेकर 35 प्रकार की सामग्री है।
बाढ़ पीड़ितों को बांटे गए लंच पैकेट
एडीएम ने पहुंचकर बंटवाए लंच पैकेट
बाढ़ प्रभावित गांव भानपुरी खजुरिया में एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने पलिया एसडीएम डाॅ. अवनीश कुमार के साथ जाकर लंच पैकेटों का वितरण कराया। इससे पूर्व तहसील परिसर में बनी कैंटीन में लंच पैकेटों को लगातार तैयार कराया जा रहा है। पैकेट बनाकर उनको बाढ़ पीड़ितों में वितरण करने का कार्य लेखपालों के साथ तहसील प्रशासन के कर्मी कर रहे हैं।
रपटा पुल पर बहते पानी के बीच से निकले वाहन चालक
पलिया-भीरा मार्ग पर रपटा पुल पर सुबह से ही तेज धार में पानी बहने लगा था। इसके बाद मजबूरी में लोग पानी की धार के बीच से बाइक व चार पहिया वाहनों को निकालते दिखे। एहतियात के तौर पर भीरा की ओर एक पुलिसकर्मी भी तैनात किया गया था, जो ज्यादा पानी होने पर वाहनों को रोक रहा था। इसके चलते यहां वाहनों की कतारें भी लगीं दिखाई दीं।
मेलाघाट, आजादनगर, बर्बादनगर, गोविंदरनगर, भानपुरी खजुरिया आदि क्षेत्र बाढ़ प्रभावित हैं। लेखपालों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दी गईं हैं। दो समय लंच पैकेट बाढ़ पीड़ितों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फिलहाल आबादी में पानी नहीं पहुंचा है। - डाॅ. अवनीश कुमार, एसडीएम, पलिया
नरायनपुरवा में प्राथमिक विद्यालय में भरा बाढ़ का पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्कूल में भरा बाढ़ का पानी
तहसील पलिया की ग्राम पंचायत शाहपुर के मजरा नरायनपुरवा में बाढ़ का पानी प्राथमिक विद्यालय नरायनपुरवा में भर गया है। पानी भरा होने से बच्चों की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है। पूर्व प्रधान अवधराम ने बताया कि अब तक प्रशासन से कोई सहायता नहीं मिली है, न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी गांव में आया है।
बेलहासिकटिहा में बीते साल बने तटबंध के ऊपर चल रहा पानी
बिजुआ क्षेत्र में बारिश से शारदा नदी के किनारे बसे गांवों में पानी घुस गया है। गांव बेलहासिकटिहा में बीते साल बना तटबंध बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है। तटबंध के ऊपर से पानी चल रहा है। धीरे-धीरे तटबंध भी कट रहा है।
बेलहासिकटिहा गांव के अंदर घरों में और रास्तों पर पानी भर गया है। गांव के पश्चिम में शारदा नदी तेजी से कटान कर रही है। गांव से नदी सिर्फ 300 मीटर ही दूर रह गई है। कटान करती हुई नदी लगातार गांव की तरफ बढ़ रही है। इसके अलावा रूरासुल्तानपुर, तनसुखपुरवा, कोरियाना, जौहरा, गुजारा, मेंहदी, ग्राम पंचायत अषाढ़ी ग्राम पंचायत करसौर तथा उसके मजरे हजूरपुरवा, बेंचेपुरवा, चकपुरवा, नयापुरवा में घरों में पानी भरा हुआ है।
एसडीएम गोला युगांतर त्रिपाठी, तहसीलदार भीमचंद, नायब तहसीलदार भानुप्रताप सिंह लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। सबसे पहले करसौर, फिर अषाढ़ी के बाद बेलहा सिकटिहा, रुरासुल्तानपुर, बझेड़ा आदि गांवों में संबंधित लेखपालों को लंच पैकेट बंटवाने के निर्देश दिए गए हैं। लेखपालों से बाढ़ प्रभावित लोगों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजने को कहा गया है। सीएचसी प्रभारी बिजुआ से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजने को कहा गया है।