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पहाड़ों पर बारिश से शारदा और अन्य नदियां उफान पर, अलर्ट

Sun, 17 Jul 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)।
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sharda - फोटो : amar ujala
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बनबसा से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, शारदा खतरे के निशान से 1.11 मीटर ऊपर 
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हालात खराब होने की आशंका बढ़ी, समीपवर्ती इलाकों में चेतावनी
निचले गांवों में भरा पानी, कई गांवों का खेतिहर इलाका डूबा, पलायन
मेलाघाट, इमलिया आदि के रास्तों पर पानी भरने से आवागमन बंद
पहाड़ों और जमीनी इलाकों मेें जारी बारिश से शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा। रविवरा को शारदा खतरे के निशान से 1.11 मीटर ऊपर बह रही है। इसके चलते कई निचले गांवों का खेतिहर इलाका डूब चुका है और गांवों में पानी घुस गया है। कई गांवों के संपर्क मार्ग पर भी बाढ़ का पानी चल रहा है। इमलिया के रास्ते पर लबालब पानी है जिससे आवागमन ठप हो गया। निचले गांवों से लोग पलायन कर ऊंचे स्थानों की ओर आ रहे हैं। वहीं, बनबसा बैराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। इससे हालात और खराब होने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए पलिया परिक्षेत्र, संपूर्णानगर परिक्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। 
पहाड़ों पर हो रही बारिश से बनबसा बैराज द्वारा अतिरिक्त पानी की रिलीजिंग बढ़ा दी गई है। रविवार को रिलीजिंग करीब दो लाख क्यूसेक रही जो पूरे दिन इसी के आसपास बनी रही। फिलहाल इससे पहले ही शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 153.620 सेंटीमीटर से करीब 111 सेेमी ऊपर पहुंच गया है। इससे नदी के आसपास के आजादनगर, बर्बादनगर, मटैहिया, खैराना, बोझवा, श्रीनगर, इमलिया फार्म आदि गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इन गांवों के निचले हिस्से के घरों में पानी भर जाने से लोग पलायन करने लगे हैं। मेलाघाट, इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर भी तीन से चार फुट तक पानी चलने से लोग काफी मशक्कत के बाद आवाजाही कर रहे हैं। बनबसा बैराज से रिलीजिंग बढ़ने से सबसे ज्यादा खतरा संपूर्णानगर परिक्षेत्र में नदी के समीपवर्ती गांवों को है। प्रशासन ने यहां अलर्ट जारी कर दिया है।
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मझगईं में कटान जारी, जमीनें पानी में समाई
मझगईं परिक्षेत्र के नयापुरवा और खालेपुरवा गांव में शारदा नदी का जारी कटान थमा नहीं है और नदी अब तक सैकड़ों एकड़ जमीन निगल चुकी है। इसके साथ ही पुराने स्थान पर कटान शुरू होने से बच गए कुछ घरों के भी नदी में समाने की खबर 

एसडीएम ने किया निरीक्षण
बनबसा बैराज से बढ़ी रिलीजिंग को देख भयानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए एसडीएम शादाब असलम ने शारदा नदी पुल के साथ कई गांवों का दौरा किया। उन्होंने कर्मियों को दिशा-निर्देश दिए और ग्रामीणों को कोई भी दिक्कत न आने की बात भी कही। 

तहसील में बैठक, मुस्तैदी के निर्देश
पलियाकलां। शारदा के बढ़ते जलस्तर को देख प्रशासन ने बैठक कर बाढ़ग्रस्त इलाकों के सभी लेखपालों को सतर्क रहने और बनाई गई 12 बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। एसडीएम शादाब असलम ने बताया कि एक सरकारी नाव के साथ 57 निजी नावों की व्यवस्था की गई है 52 नाविक लगाए गए हैं। बता दें, परिक्षेत्र में कि प्रशासन ने संपूर्णानगर, बमनगर, खजुरिया, मरौचा, पटिहन, पलिया, नौगवां, मलिनियां, भीरा, छेदिया पूरब, चंदनचौकी शामिल है।
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मटहिया गांव के खेत में डूबी भैंस
मटहिया गांव के खेतिहर इलाके में चरने गई एक भैंस बाढ़ के पानी में डूब गई। यह भैंस मटहिया निवासी होरी लाल की है। यहां के खेतिहर इलाके में बाढ़ का काफी पानी भरा हुआ है और मवेशियों को चारे की किल्लत हो रही है। 
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