पानी में डूबी फसलें हुईं खराब, कई गांवों में कटान तेज
निघासन के कई गांवों में चल रहीं नाव, आवागमन बंद
शारदा और सुहेली नदियों के जलस्तर में कमी आने के बावजूद पलिया और निघासन के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। रास्तों पर पानी चलने से लोगों को आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। खेत पानी से भरे हैं। कई दिनों से खेतों में पानी भरा होने के चलते उनमें खड़ी फसलें खराब हो गई हैं। निघासन क्षेत्र के भदुरहिया गांव में चार दिनों से नाव चल रही है। गांव के लोग छतों और छप्परों पर शरण लिए हुए हैं। पलिया क्षेत्र के नयापुरवा में कटान जारी है।
पलियाकलां। शारदा व सुहेली नदियों का जलस्तर कम होने लगा है, लेकिन अभी भी अधिकांश गांवों में बाढ़ का पानी भरा है। खेत पानी से लबरेज हैं और इससे फसलें खराब हो रही हैं। मझगईं क्षेत्र के दो गांव अभी भी शारदा नदी की बाढ़ के पानी से जलमग्न हैं। इधर सुहेली नदी का पानी चंबरबोझ गांव में है। इसके साथ ही दोनों नदियों की बाढ़ से तमाम रास्तों पर पानी चल रहा है। नयापुरवा और लियाकत पुरवा में कटान जारी है।
शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 153.620 सेमी से 1.01 मीटर ऊपर 154.630 सेमी पर स्थिर है। हालांकि अभी भी दौलतापुर, मटैहिया, कचनारा, बोझवा, आजाद नगर, बर्बादनगर, श्रीनगर, परसपुर, पतेड़ा लगदहन आदि गांवों का खेतिहर इलाका पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है। गांवों से धीरे-धीरे पानी कम होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। जबकि मझगईं क्षेत्र में शारदा नदी का कटान जारी है। शारदा नदी की कटान से नयापुरवा, लियाकतपुरवा, चैरी, खालेपुरवा, दुबहा, विशुनूपुर, पंछीफार्म, बल्लीपुर, राजापुरवा, तिकोनाफार्म, चौखड़ाफार्म, बनघुसरी गांव में पांच दिनों से बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जबकि नयापुरवा कटान जारी रहने से रामभरोसे का घर भी मंगलवार की रात नदी में समा गया।
स्टेट हाईवे पर बेला के पास रपटा पुल पर तीसरे दिन भी पानी चलता रहा। इससे चौपहिया और दोपहिया वाहनों को निकालने में चालकों को दिक्कतें उठानी पड़ीं। शारदा नदी के साथ-साथ सुहेली का जलस्तर भी कम हुआ है लेकिन चंबरबोझ गांव में पानी है। यहां पर जाने के लिए केवल नाव ही लोगों का सहारा है।
निघासन। क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। प्रशासन ने अभी तक किसी गांव की सुधि नहीं ली है। निघासन-झंडी मार्ग पर कई जगहों पर बाढ़ का पानी चलने लगा है। कई गांवों में अधिक जलभराव के कारण आवागमन बंद हो गया है। करीब आधा दर्जन गांवों में चार दिन से बाढ का पानी भरा हुआ है, इसके चलते लोगों को खाने पीने तक के लाले हैं। भदुरहिया गांव के अंदर चार दिनों से नाव चल रही है। लोग घर की छतों और छप्परों पर शरण लिए हुए हैं। सिसुवारी, छेदुई, भदुरहिया, मुन्नापुरवा और मोतीपुरवा गांव में चार दिनों से पानी भरा हुआ है। इन गांवों में बाढ़ पीड़ितों को खाने पीने के लाले हैं। यहां प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा झांकने तक नहीं गया है। गौढ़ीपुरवा, जीतपुरवा, रूपनपुरवा, तमोलिनपुरवा, मंझिलीपुरवा, बुद्धापुरवा, छीटनपुरवा, बिहारीपुरवा, कुर्मिनपुरवा गांवों में बाढ़ का पानी भरने लगा है।
इन मार्गों पर बंद हुआ आवागमन
लालपुर से गौढ़ीपुरवा, गौढीपुरवा से ठाकुरपुरवा, मिठुई बैलहा सलीमाबाद से पतिया, सिसुवारा से पतिया मार्ग भदुरहिया से छेदुई पतिया मार्ग पर बाढ़ का चार फुट पानी भरने के कारण वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। लोग जान जोखिम में डालकर पैदल निकल रहे हैं।
फूलबेहड़ में रास्तों पर पानी, आवागमन बाधित
महेवागंज। नदी का जलस्तर बढने से फूलबेहड़ ब्लाक क्षेत्र में शारदा बंधे के अंदर बसे करीब एक दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं। शारदा नदी के उफान के चलते मिलपुरवा शारदा बंधे के पेट मे बसे करीब आधा दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं। रास्तों पर करीब दो फुट तक पानी बह रहा है। पानी से घिरे होने के नाते बाबापुरवा, पिपरागूम, कुचिलहा, बक्शीपुरवा, मंगलीपुरवा, बेचनपुरवा, अहिराना, बेड़हासुतिया, जदीदपुरवा, रायनगर, जंगल नंबर 10 समेत कई गांव टापू बने है। वहीं गांव जंगल नंबर 11 मे शारदा नदी का कटान जारी रहने से कई बीधा खेती नदी मे समा चुकी है। बेड़हासुतिया गांव मे हालात बदतर हैं। रास्तो पर तेज धार से पानी चलने से बाढ़ पीड़ितों का आवागमन प्रभावित है।