महेवागंज/फूलबेहड़। जलस्तर बढ़ने से शारदा नदी ने फूलबेहड़ के धोबियाना गांव की ओर कटान शुरू कर दिया है। गांव का इकलौता मार्ग नदी में समा गया। बीते 12 घंटे में नदी ने करीब 50 मीटर रास्ता काट दिया है। इससे लोगों के निकलने का मार्ग बंद हो गया। गांव में अफरातफरी का माहौल है। दूसरे के खेतों से होकर लोग सामान बटोर कर अपने संसाधन से सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं।
प्रशासन बराबर ग्रामीणों के संपर्क में है। लेखपाल और कानूनगो कैंप किए हैं। रास्ता कटने के बाद ग्रामीण राजकुमार के खेत से होकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में सामान भर कर निकल रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर खेत में कटान शुरू होता है तो धोबियाना गांव के लोगों के लिए रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा। नदी तेजी से धोबियाना, शंकरपुरवा की तरफ बढ़ रही है।
धोबियाना गांव से नदी महज सौ मीटर की दूरी पर कटान कर रही है। जिससे धोबियाना गांव के ग्रामीणों ने पलायन शुरू कर दिया है। बाढ़ पीड़ित अपने घरों का सामान भरकर ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने लगे हैं। रास्ता बंद होने के डर से पूरा गांव अपना सामान जल्द से जल्द निकाल लेना चाहता है। धोबियाना गांव के राकेश कुमार ने बताया कि गांव से बाहर निकल कर जाने वाला इकलौता रास्ता भी कट चुका है। गांव निवासी राजकुमार के खेत की मेड़ तक नदी पहुंच गई है।
खेत कटते ही टापू बन जाएगा गांव
नदी ने रास्ते का कटान किया है। ग्राम निधि से 2021 में लगा करीब 50 मीटर खड़ंजा नदी बहा ले गई। अब गांव के लोग राज कुमार के खेत से होकर निकल रहे है। नदी खेत की मेड़ तक पहुंच चुकी है। ग्रामीणों को डर है कि अगर खेत भी कट गया तो उनके निकलने के रास्ते बंद हो जाएंगे। इसकी वजह यह है कि दूसरी ओर सुतिया नाला बह रहा है। ऐसी स्थित में गांव टापू बन सकता है। गांव के करीब 60 घर नदी के बीच में ही घिर जाएंगे। ग्राम प्रधान राजकिशोर ने बताया कि लोग एक दूसरे की मदद कर सामान सुरक्षित जगह पहुंचा रहे हैं।
सामान समेट रहे ग्रामीण, प्रशासन अलर्ट
कटान की स्थिति देख गांव में अफरा-तफरी है। कटान के डर से लोग सामान समेट रहे हैं। प्रशासन भी जल्द से जल्द गांव खाली कराने की कोशिश में है। गांव की तरफ नदी तेजी से बढ़ रही है। नदी आगे बढ़ी तो पूर्व प्रधान राम प्रसाद और पन्नी लाल के घर निशाने पर होंगे। राजस्व निरीक्षक राम औतार, लेखपाल पंकज वर्मा, अनुज, आपदा मित्र प्रमोद, योगेन्द्र बराबर सर्वे कर रहे है।
धोबियाना गांव का खड़ंजा कटा है। शुक्रवार को जल स्तर कुछ घटा है। घर गृहस्थी का सामान सुरक्षित स्थान पर लोग ले जा रहे है। सरवा में भूमि चिह्नित की गई है। फिलहाल अधिकतर लोग अपने नाते रिश्तेदार के यहां जा रहे है। नाव उपलब्ध है। सामान ढोने के लिए वाहन लगाए गए हैं। प्रशासन हर संभव मदद कर रहा है।
अश्वनी कुमार सिंह , एसडीएम सदर
फोटो: 25
मोहाना नदी का जलस्तर घटा, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
तिकुनिया। बुधवार को पहाड़ों पर हुई बारिश के चलते मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ गया था। नदी का जलस्तर बढ़ने से नया पिंड गांव के किनारे बना नाला उफना गया था। इस बार भी आबादी में पानी घुसने की आशंका बढ़ गई थी। इसके बाद लेखपाल ने गिरजापुरी बैराज के गेट खुलवा दिए थे। अब जलस्तर घटने लगा है। लेखपाल कोमल ने बताया कि गांव में 25 घर हैं। इनको ऊंचे स्थान पर बसाने के लिए लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है, लेकिन किसान गांव नहीं छोड़ रहे हैं। फिलहाल बाढ़ का खतरा टल गया है। संवाद
तिकुनिया नया पिंड गांव के नाले का घाटा जलस्तर। ग्रामीण
तिकुनिया नया पिंड गांव के नाले का घाटा जलस्तर। ग्रामीण
तिकुनिया नया पिंड गांव के नाले का घाटा जलस्तर। ग्रामीण
तिकुनिया नया पिंड गांव के नाले का घाटा जलस्तर। ग्रामीण