एसजीएस गायत्री महाविद्यालय में तीन हजार जोड़ों ने लिया भाग
रकेहटी स्थित एसजीएस गायत्री महाविद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला हुई, जिसमें तीन हजार जोड़ों ने भाग लिया, जिन्हें दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने की प्रेरणा दी गई।
महाविद्यालय में शांतिकुंज से आए टोली नायक केपी दुबे ने चार सोपान में जीवन सुखमय करने की विधि बताई। उन्होंने कहा कि परिवार बच्चों की पहली पाठशाला होती हैं। परिवार में हमें अच्छी भाषा, बोलचाल और सही रहन सहन की जानकारी मिलती है। परिवार में जो कुछ होता हैं उससे ही बच्चे सीखते हैं। इसलिए नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए परिवार को सही दिशा और दशा देनी चाहिए। दूसरे सोपान में डा. अरूणेश पराशर ने दांपत्य जीवन को सुखमय करने के सूत्र बताएं। तीसरे सोपान में गोपाल कृष्ण शर्मा ने पंचशील सिद्धांत और देव स्थापना के बारे में बताया। चौथे सोपान में भावी पीढ़ी का नव निर्माण संबंधी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में लखनऊ, बहराइच, सीतापुर, फैजाबाद आदि जिलों के जोड़ों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में शांति कुंज टीम में अनुराग मौर्य, दामोदर प्रसाद वर्मा, रवींद्र यादव आदि का विशेष सहयोग रहा। गाने के माध्यम से सुरेंद्र कुमार ने भी समझाया। इस दौरान कार्यक्रम के आयोजक विनोद सिंह, रामखिलावन, अजय कुमार, आशीष कुमार, एसमडी प्रधानाचार्य अंकुर पांडे, अमर गुप्ता, रामकृष्ण चर्तुवेदी, कमल, राजेश शुक्ला, अतुल शुक्ला आदि मौजूद रहे।
5050 का हुआ रजिस्ट्रेशन
इस कार्यक्रम में 5050 लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जिसमें करीब तीन हजार जोड़ों ने भाग लिया। इस दौरान तीन काउंटर रजिस्ट्रेशन के लिए भी लगाए गए।
तीन स्कूलों के बच्चों ने संभाली कमान
एसएमडी, गायत्री इंटर कॉलेज तथा गायत्री महाविद्यालय के बच्चों ने आए हुए अतिथियों को लंच आदि बनाकर दिया। इस दौरान वहां पर पूरे कार्यक्रम की देखभाल कॉलेज की छात्राओं को सौंपी गई थीं।
पांच हजार परिवारों को दिए पौधे
निघासन। एसजीएस महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पेड़-पौधों के बारे में बताया। इस दौरान रवींद्र यादव ने कहा कि पेड़ व पौधों को परिवार की तरह सेवा करनी चाहिए। उन्होंने कॉलेज की तरफ से पांच हजार परिवार को एक-एक पौधा वितरण कर उनको घर में रोपित करने का संकल्प लिया। इस दौरान जसवंत मौर्य, अनुज, गोविंद प्रसाद मौर्य, अंकुर पांडे आदि लोग मौजूद रहे।