लखीमपुर। धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम समरदा बदाल दार्जिनपुरवा में श्रमिक पर जानलेवा हमले के बारह साल पुराने मामले में एडीजे मनोज सिंह ने हमलावर को सात साल के कठोर कारावास की सजा दी है। उस पर बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, गांव निवासी कपिल कुमार 30 जुलाई, 2013 की सुबह छह बजे सड़क पटान का कार्य कर रहा था, तभी गांव के ही सज्जन कुमार ने 315 बोर के तमंचे से गोली मार दी। इसके बाद वह धमकी देते हुए भाग गया। लंबे इलाज के बाद कपिल की जान बच सकी थी। हालांकि, घायल कपिल कुमार के परिवार वालों ने सज्जन कुमार के साथ ही उसके पिता हरिकिशन को भी नामजद किया था, लेकिन पुलिस ने 18 अगस्त 2013 को सज्जन कुमार को ही तमंचे के साथ बसंतापुर खरवाहिया मोड़ से गिरफ्तार किया था।
अदालत की सुनवाई में केवल सज्जन कुमार के द्वारा फायर करने की बात साबित हुई थी। इस पर न्यायाधीश मनोज सिंह ने सज्जन कुमार को जानलेवा हमले में दोषी पाया। उसे सात साल के कठोर कारावास और बीस हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई। पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण हरिकिशन को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है। अदालत ने अपने फैसले में यह व्यवस्था दी है कि वसूल किए गए जुर्माना में से दस हजार रुपये की रकम बतौर मुआवजा पीड़ित कपिल को अदा की जाएगी।