लखीमपुर खीरी। नवरात्र के समापन के बाद बृहस्पतिवार को धूमधाम से मूर्तियों को पवित्र नदियों में विसर्जित किया गया। डीजे पर बज रहे माता रानी के भजनों पर नृत्य करते और अबीर गुलाल उड़ाते हुए श्रद्धालु निकले। वहां जय माता दी के घोष साथ मातारानी को विदाई दी।
शहर के प्राचीन संकटा देवी मंदिर परिसर में स्थापित मां की मूर्ति को पूजा-अर्चना के बाद विसर्जित किया गया। धौरहरा में जालिम नगर पुल, रामनगर बगहा और शारदा नगर बैराज पर भक्तों ने विधि-विधान से मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया। गोला गोकर्णनाथ में बजाज चीनी मिल की पुरानी कॉलोनी में मां वैष्णो दरबार, मोहल्ला ऊंची भूड, कुम्हारन टोला, लाल्हापुर, हफीजपुर, चीनी मिल की भूड़ कॉलोनी सहित विभिन्न स्थानों पर नवरात्रों में मां दुर्गा के दरबार सजा गए थे। देवी मां की मूर्तियों को अलीगंज मार्ग स्थित शारदा ब्रांच नहर और उल्ल नदी में विसर्जित किया गया। अशोक चौराहे पर नगर वासियों ने शोभायात्रा पर फूल बरसाए। इस मौके पर अवधेश श्रीवास्तव दीपू, राजेश शुक्ला, राजीव शुक्ला, अरुण श्रीवास्तव, संजय तिवारी, अनुज खरे, रितेंद्र शुक्ला, बब्बू सक्सेना, अतुल पुरवार मौजूद रहे। संसारपुर पंचायत के ग्राम बेलहिया के देवी भक्तों ने शारदीय नवरात्र के पश्चात बृहस्पतिवार को शारदा नदी में देवी मूर्ति विसर्जित कीं।
बांकेश्वर में महादेव-राधाकृष्ण मंदिर प्रांगण में स्थापित की गई मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन से पूर्व नव युवक जन सेवा समिति ने मंदिर से कस्बा के मुख्य मार्गों से शोभायात्रा निकाली। राजेंद्र प्रसाद माहेश्वरी, मनोज माहेश्वरी, गोविंद अग्रवाल, संतोष गुप्ता शामिल हुए।
मैलानी के दामोदरपुर के अलावा कंधईपुर, राजामंडी, सुरजनपुर आदि जगहों पर स्थापित की गईं मूर्तियों को श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ माता के जयकारे लगाते और अबीर-गुलाल खेलते हुए शारदा नदी तक ले गए। नगर पंचायत अध्यक्ष कीर्ति माहेश्वरी के आवास पर समाजसेवी भवानी शंकर माहेश्वरी ने श्रद्धालुओं का स्वागत कर उनको फलाहार कराया।
पलियाकलां में पवित्र शारदा नदी तट पर प्रशासन द्वारा बनाए गए काॅरीडोर के बीच मां की मूर्तियों का विसर्जन किया गया। संपूर्णानगर कस्बे में मिल मार्ग पर मोहन मदेशिया के आवास पर मूर्ति स्थापित की गई थी। इस दौरान भंडारे का आयोजन किया गया। बिहारी काॅलोनी में भी मूर्ति स्थापना स्थान पर भंडारा आयोजित किया गया।
-प्रतिमाओं की विधि-विधान से की पूजा
भीरा। नवरात्र के समापन के बाद भीरा क्षेत्र के अमृतापुर, सोनपीपर, राजपुर, बरमबाबा, घुरहां, ढकिया, शाहपुर व ईटकुटी आदि गांवों से माता की प्रतिमाओं को विधिवत पूजा-अर्चना कर विसर्जन करने के लिए ले जाया गया। डीजे की धुन के बीच माता के जयकारों के साथ प्रसाद का वितरण करते हुए ढकिया गांव के समीप स्थित शारदा नदी में मूर्तियों का विसर्जन किया गया। बेलरायां में रेलवे स्टेशन मार्ग के शिवमंदिर में नवरात्र में स्थापित मूर्तियों का विसर्जन मोतीपुर के सरयू तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया।
ओयल में डीजे की धुन पर मां की विदाई के गीतों पर नृत्य करते हुए श्रद्धालु घोसियाना पुल जमुआरी नदी पर पहुंचे। निघासन क्षेत्र में माता दुर्गा की मूर्तियों का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से विसर्जन किया गया। भक्तों ने जयकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्रद्धाभाव से मां को विदाई दी। बिजुआ में सैकड़ों भक्त ट्रैक्टर, गाड़ियों और मोटरसाइकिलों पर सवार होकर जय मां दुर्गा के नारे लगाते हुए चल रहे थे।
भीखमपुर में देवी मंदिर प्रांगण में स्थापित दुर्गा जी की मूर्ति का गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकालकर नौघटा घाट पर धूमधाम से विसर्जन किया। इस मौके पर आयोजक रामदरश, उदयभान और जगदीश समेत श्रीरामपुर, लक्ष्मन नगर और अवधपुर के श्रद्धालुगण मौजूद रहे।
मैलानी में मूर्ति विसर्जन के लिए जाते श्रद्धालु। संवाद
मैलानी में मूर्ति विसर्जन के लिए जाते श्रद्धालु। संवाद
मैलानी में मूर्ति विसर्जन के लिए जाते श्रद्धालु। संवाद
मैलानी में मूर्ति विसर्जन के लिए जाते श्रद्धालु। संवाद
मैलानी में मूर्ति विसर्जन के लिए जाते श्रद्धालु। संवाद
मैलानी में मूर्ति विसर्जन के लिए जाते श्रद्धालु। संवाद
मैलानी में मूर्ति विसर्जन के लिए जाते श्रद्धालु। संवाद
मैलानी में मूर्ति विसर्जन के लिए जाते श्रद्धालु। संवाद
मैलानी में मूर्ति विसर्जन के लिए जाते श्रद्धालु। संवाद
मैलानी में मूर्ति विसर्जन के लिए जाते श्रद्धालु। संवाद