लखीमपुर खीरी के हैदराबाद थाना क्षेत्र के चठिया गांव में बाघ देख गांव वालों में दहशत फैल गई है। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने बाघ के पगचिह्न मिलने की पुष्टि की है। बाघ देखे जाने की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई।
सोमवार सुबह चठिया के ग्रामीण क्षेत्र में गन्ने की छिलाई कर रहे थे उसी वक्त उन्हें सरोज वर्मा के सरसों के खेत में बाघ खड़ा दिखाई दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह बाघ चार-पांच दिनों से चठिया और बहेड़ा मुल्तान गांव के मध्य अपना गन्ने के खेतों में अपना ठिकाना बनाए हुए है। रविवार सुबह किसी बाघ ने बेहड़ा मुल्तान के बाबूराम पर हमला करने की कोशिश की थी।
हालत यह है कि लोग खेतों की ओर जाने और गन्ने की छिलाई करने से घबरा रहे हैं। यहां से महेशपुर जंगल की दूरी आठ किलोमीटर बताई गई है। सूचना पर पहुंचे फॉरेस्टर रोहित श्रीवास्तव, नरेंद्र वर्मा आदि वन कर्मियों ने बाघ गन्ने में खेत मौजूद होने, पगचिह्न मिलने की पुष्टि की है।
बताया कि जंगल में हाथियों का ढूंढ मौजूद होने की वजह से बाघ गन्ने में घूम रहे हैं। उन्होंने गांव वालों को सतर्क रहने गन्ने की खिलाई सावधानी से करने बच्चों को अकेले स्कूल न भेजने की सलाह दी है।