परिसीमन के बाद नई बनी 172 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों संबंधी कामकाज पुराने सचिवों की देखरेख में ही होगा। वित्तीय वर्ष 2015-16 की समाप्ति तक यही व्यवस्था कायम रहेगी। सीडीओ नितीश कुमार ने इस संबंध में पंचायतीराज विभाग को निर्देश जारी किया है।
बता दें कि परिसीमन के बाद जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या 995 से बढ़कर 1167 हो गई है। नई बनी 172 ग्राम पंचायतों में निर्वाचन के बाद प्रधान भी चुन लिए गए हैं। हालांकि 26 दिसंबर को नई ग्राम पंचायतों के गठन के बाद से अब तक राज्य या 14वें वित्त आयोग से विकास कार्यों के लिए नई किस्त नहीं जारी की गई है। लेकिन राज्य वित्त आयोग की तीसरी किस्त जल्द ही जारी की जानी है। सीडीओ नितीश कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व ग्राम पंचायत के सचिवों को नहीं हटाया जाएगा। मूल ग्राम पंचायत के सचिव ही अलग हुई ग्राम पंचायत का कामकाज संभालेंगे।