राजकीय पुस्कालय में पढ़ते बच्चे। संवाद
लखीमपुर खीरी। विकास भवन के पास स्थित जिला राजकीय पुस्तकालय की तस्वीर बदलने वाली है। इसका आकार बढ़ाया जाएगा और उसमें आधुनिक डिजिटल रीडिंग हाॅल भी बनेंगा, ताकि वहां पर आने वाले बच्चों को और सुविधाएं मिल सके।
जिला राजकीय पुस्तकालय में विभिन्न प्रकार की 28 हजार से अधिक पुस्तकें हैं। इसमें एक साथ मात्र 50 बच्चे ही बच्चे बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं। कभी-कभी बच्चों की संख्या अधिक हो जाती है, लेकिन बैठने की पर्याप्त जगह न होने के चलते कईयों को निराश होकर लौटना पड़ता है। पुस्तकालय में दो हाल है।
एक हाल में किताबें रखी, जबकि दूसरे हाल पढ़ाई की व्यवस्था है। पुस्तकालय का भवन भी काफी पुराना व जर्जर है, जो बरसात में टपकता भी है। इससे स्टाफ के साथ ही बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पुस्तकालय की तस्वीर बदलने के लिए अनुमानित 19 लाख का बजट खर्च होगा, जिसमें फर्नीचर भी शामिल हैं।
सीडीओ ने निरीक्षण कर देखी थी स्थिति
सीडीओ अभिषेक कुमार ने आठ अक्तूबर को पुस्तकालय का निरीक्षण किया था, जिसमें उनको पुराना व जर्जर स्थिति में भवन मिला। बच्चों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं मिलीं। इस पर सीडीओ इसका कायाकल्प कराने का अश्वासन स्टाफ को दिया। सीडीओ ने इसका एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। डीआईओएस विनोद मिश्रा ने इसका एस्टीमेट बनवाकर सीडीओ को भेजा, जिस पर सीडीओ ने सहमति देते हुए डीएम को प्रस्ताव भेजा। अब जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
खुद का स्टाफ भी नहीं
दुर्भाग्य है कि राजकीय जिला पुस्तकालय में खुद का कोई स्टाफ नहीं है। मौजूदा समय में जो भी स्टाफ है, वह शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक व अन्य कर्मचारी हैं। उनको यहां से संबद्ध किया गया है।