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मानकों के फेर में उम्मीदों पर ब्रेक

Wed, 25 Feb 2015 07:47 PM IST
लखीमपुर खीरी
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इंडो-नेपाल बार्डर और पीलीभीत जिले के समीप स्थित कस्बा संपूर्णानगर को ब्लाक बनाए जाने की अर्से से चली आ रही मांग को झटका लगा है। शासन की ओर से भौगोलिक स्थिति समेत मानकों के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसके बाद प्रभारी सीडीओ/पीडी डॉ. दिनेश सिंह ने मानक पूरे न होने की रिपोर्ट भेजी है, जिसमें आबादी और ग्राम पंचायतों की संख्या कम होने की बात कही गई है।
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बता दें कि पलिया को जिला और संपूर्र्णानगर को ब्लाक बनाने की मांग लंबे अर्से से चली आ रही है। शासन ने हाल ही में संपूर्णानगर को ब्लाक बनाए जाने की मांग का संज्ञान लेेते हुए जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। अधिकारियों के सर्वेक्षण में मानकों की शर्तें पूरी नहीं हो पा रहीं हैं। वहीं भौगोलिक परिस्थितियों ने भी रोड़ा अटका दिया है। अभी 60 ग्राम पंचायतों वाले पलिया ब्लाक से जुड़े संपूर्र्णानगर के हिस्से में एक न्याय पंचायत मिल रही है, जिसमें बमुश्किल 10 ग्राम पंचायतें हैं। आबादी के लिहाज से भी मानकों की कसौटी पर संपूर्णानगर फेल हुआ है, क्योंकि संपूर्णानगर क्षेत्र की आबादी करीब 34 हजार है। इसी तरह पड़ोस का ब्लाक बिजुआ है, जो बीच में पड़ने वाली शारदा नदी के पार स्थित है। लिहाजा बिजुआ ब्लाक की ग्राम पंचायतों को जोड़ने में तकनीकी दिक्कत आड़े आ रही है। इसी तरह एक ओर पीलीभीत की सीमा स्थित है। इन्हीं बिंदुओं पर आख्या तैयार कर प्रभारी सीडीओ/पीडी डॉ. दिनेश सिंह ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
प्रभारी सीडीओ/पीडी डॉ. दिनेश सिंह ने बताया कि शासन ने संपूर्णानगर को ब्लाक बनाने के लिए आवश्यक मानकों के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी, जिसमें अधिकतर मानक पूरे नहीं हो रहे हैं। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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यह हैं ब्लाक बनाने के मानक
-आबादी 75 हजार से एक लाख तक होनी चाहिए
-कम से कम 50 ग्राम पंचायतें होना जरूरी
-न्याय पंचायतों की संख्या आठ से 10 तक होना अनिवार्य
ब्लाक निर्माण में निगेटिव रिपोर्ट का आरोप
पलिया/संपूर्णानगर। शासन के पत्र पर संपूर्णानगर को ब्लाक घोषित करने में मानकों की कमी के आधार पर भेजी गई रिपोर्ट को लोगों ने निगेटिव करार देते हुए विरोध जताया है। नागरिकों के मुताबिक इसमें ट्रांस शारदा क्षेत्र और खीरी-पीलीभीत उपनिवेशन सहकारी संघ की कॉलोनियों को जोड़ दिया जाए तो सभी मानक पूरे हो जाते हैं। इस निगेटिव रिपोर्ट के खिलाफ लोग अगली रणनीति तय करने पर विचार कर रहे हैैं।
बता दें कि संपूर्णानगर के लोग अर्से से पलिया को जिला बनाकर इसमें पीलीभीत के उस क्षेत्र (जो शारदा नदी के विभाजन का अभिशाप झेल रहा है) को जोड़कर संपूर्णानगर को नया ब्लाक बनाए जाने की मांग कर रहे थे। तर्क था कि खीरी-पीलीभीत उपनिवेशन सहकारी संघ की कॉलोनियों और ट्रांस शारदा क्षेत्र के वह गांव जो शारदा नदी के चलते पीलीभीत जिला मुख्यालय से कटे रहते हैं, उनका इससे विकास होगा। साथ ही संपूर्णानगर इलाका भी विकास में गति पकड़ेगा। इन्हीं सब बातों को शामिल करते हुए सपा किसान मोर्चा के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष धीरेंद्र्र त्रिपाठी, बीडीसी कुतुबुददीन अंसारी ने शासन को पत्र भेजा था। उनकी माने तो जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट निराशाजनक है। इसको भेजने में स्थलीय सत्यापन नहीं किया गया है। क्षेत्र की भगोलिक स्थिति और अन्य हालात समेत इन गांवों और क्षेत्र को जोड़ा जाता तो सभी मानक पूरे हो जाते। उन्होंने बंद कमरे में बनाई गई रिपोर्ट बताते हुए, इसके खिलाफ आम लोगों के साथ बैठक कर अगली रणनीति तय किए जाने की बात कही है।
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