खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने भरे थे नमूने
सरसों तेल, पनीर, दूध, खोया, नमकीन जांच में फेल
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की कार्रवाई में दुकानों से भरे गए नमूनों के फेल होने के मामले में एडीएम कोर्ट ने 12 व्यापारियों के खिलाफ दायर मुकदमों पर फैसला सुनाते 8.85 लाख रुपये का जुर्माना डाला है। यह मामले 2012-13 से 2016 तक दायर किए गए मुकदमों से संबंधित हैं। एडीएम ने एक सप्ताह में जुर्माने की रकम जमा करने के आदेश दिए हैं।
एफएसडीए ने छापेमार कार्रवाई के दौरान भरे गए सरसों तेल, पनीर, दूध, खोया, नमकीन, पेड़ा के नमूने जांच में फेल होने पर दोषी व्यापारियों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। जबकि दो प्रतिष्ठान बगैर रजिस्ट्रेशन के चलते पाए गए थे, जिनमें भी एडीएम ने कार्रवाई की है। एडीएम एसपी सिंह ने सुनवाई पूरी करने के बाद व्यापारियों के खिलाफ 20 हजार से लेकर 1.50 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया है। कोर्ट के मुताबिक गोला के राजेंद्रनगर निवासी विमल गुप्ता का सरसों के तेल नमूना फेल होने के चलते 50 हजार, मोहल्ला संकटा देवी निवासी कमल टंडन के प्रतिष्ठान का रजिस्ट्रेशन न होने के चलते 50 हजार, इसी मोहल्ले के पनीर विक्रेता शीतला प्रसाद सोनी पर एक लाख रुपये जुर्माना डाला है। दूध का नमूना फेल होने पर सढौना गांव निवासी अनिल वर्मा पर 20 हजार, फरधान थाना के गांव रस्तिया निवासी सद्दाम पर 20 हजार और मोहल्ला गंगोत्रीनगर निवासी अनिल कुमार तिवारी पर 25 हजार रुपये जुर्माना डाला है। खोया का नमूना फेल होने पर फूलबेहड़ क्षेत्र के गांव गौरा पयाग निवासी शाहबान पर 20 हजार जुर्माना डाला गया है। मोहल्ला बरखेरवा निवासी विकास गुप्ता पर 1.50 लाख, खुटार रोड मैलानी निवासी योगेश अग्रवाल और भीरा क्षेत्र के गांव भानपुर निवासी अमित मिश्रा पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना डाला गया है। इसी तरह गोला के मोहल्ला तीर्थ निवासी शिवम गिरि पर 50 हजार, मोहल्ला राजाजीपुरम निवासी शोभित गुप्ता पर एक लाख और मोहल्ला शिव कालोनी निवासी संजय गुप्ता पर 1.50 लाख रुपये जुर्माना डाला गया है। एडीएम एसपी सिंह ने सभी व्यापारियों को जुर्माने की रकम जमा करने के लिए एक सप्ताह तक समय दिया है, जिसके बाद राजस्व की भांति वसूली करने की चेतावनी दी है।
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ट्रिब्यूनल कोर्ट में कर सकते हैं अपील
एडीएम कोर्ट से फैसला सुनाए जाने के बाद संबंधित व्यापारी अपना पक्ष रखने के लिए लखनऊ स्थित ट्रिब्यूनल कोर्ट में अपील कर सकते हैं। अभिहित अधिकारी डॉ अमर सिंह वर्मा ने बताया कि एक सप्ताह में जुर्माना अदा करें या फिर ट्रिब्यूनल कोर्ट अपील कर सकते हैं, जहां साक्ष्यों के आधार पर फैसला होगा।