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आत्मदाह की कोशिश में झुलसा युवक लखनऊ रेफर

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लखीमपुर खीरी। शहर की एक ट्रैक्टर एजेंसी पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश करने में झुलसे युवक को जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने सोमवार को लखनऊ रेफर कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की है, बल्कि सोमवार की शाम को व्हाट्सएप पर युवक की पत्नी की ओर से सूचना मिलने की बात कही जा रही है।
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मोहल्ला हिदायतनगर निवासी वसीम ने एलआरपी पुलिस चौकी क्षेत्र में पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर स्थित अजमानी ट्रैक्टर एजेंसी से एक पुराना ट्रैक्टर 3.50 लाख रुपये में लिया था। फरवरी 2018 में थाना ईसानगर की खमरिया चौकी पुलिस ने ट्रैक्टर को सीज कर दिया था। कोर्ट से ट्रैक्टर रिलीज कराने के बाद जब वह उसे छुड़ाने चौकी पहुंचा, तो रजिस्ट्रेशन में दर्ज इंजन और ट्रैक्टर के इंजन नंबर में अंतर था और चेसिस नंबर भी नहीं पड़ा था। इससे पुलिस ने ट्रैक्टर नहीं छोड़ा, तो उसने ट्रैक्टर एजेंसी मालिक विक्की अजमानी से कागज सही कराने को कहा, लेकिन वह उसे टहला रहे थे।
रविवार को वसीम ने एजेंसी के बाहर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी। झुलसे वसीम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के दूसरे दिन सोमवार को जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने वसीम को लखनऊ रेफर कर दिया। उधर, एलआरपी चौकी इंचार्ज बलवंत शाही ने बताया है कि पीड़ित पक्ष की ओर से व्हाट्सएप पर सूचना मिली है, जिसमें इलाज कराकर लखनऊ से लौटने के बाद तहरीर देने की बात लिखी है। इस सूचना पर पीड़ित की पत्नी कमरूनिशा और पुत्र आरिफ के हस्ताक्षर की बात है।
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सीसीटीवी फुटेज हासिल नहीं कर पाई पुलिस
पुलिस ने सोमवार को अजमानी ट्रैक्टर एजेंसी पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने की कोशिश की, लेकिन फुटेज हासिल नहीं हुए। एजेंसी मालिक ने पुलिस को बताया कि सीसीटीवी का पासवर्ड मैनेजर को पता है जो मौके पर नहीं मिला।
पुराने ट्रैक्टरों के नाम पर धोखाधड़ी का संदेह
ट्रैक्टर एजेंसियों पर पुराने ट्रैक्टर को बेचने का धंधा कई सालों से फल-फूल रहा है। वसीम को बेचे गए ट्रैक्टर के कागज और ट्रैक्टर के इंजन नंबर में अंतर मिला है, जिससे पुराने ट्रैक्टरों के नाम पर धोखाधड़ी और चोरी के ट्रैक्टर बेचने की आशंका जताई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि एनसीआर/पंजाब से पुराने ट्रैक्टर लाकर लखीमपुर में बेचे जा रहे हैं, जिनमें चोरी के भी हो सकते हैं।
झुलसा युवक लखनऊ रेफर
20 से 25 फ़ीसद बर्न केस था। गंभीरता को देखते हुए लखनऊ रेफर किया गया है। पीड़ित का चेहरा और सीने का पूरा हिस्सा जला हुआ था। इंफेक्शन का खतरा था इसलिए उसको लखनऊ रेफर किया गया है।
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- आरसी अग्रवाल, सीएमएस
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