लखीमपुर खीरी। प्रदेश में बिजली उत्पादन घटने का असर खीरी में भी दिखाई देने लगा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में अघोषित कटौती और लो वोल्टेज से लोग परेशान हैं।
दिन-रात कई बार बिजली गुल होने से घरेलू कामकाज, कारोबार और खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है। गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली न आने से ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ रहा है।
सोमवार को गोला, हैदराबाद और फरधान के बिजली उपकेंद्रों पर ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। 18 घंटे आपूर्ति बहाल करने की मांग की। अधिकारियों ने व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिया।
गोला गोकर्णनाथ के विद्युत वितरण उपखंड में भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष हरदयाल सिंह संधू के नेतृत्व में पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने सुचारू बिजली आपूर्ति की मांग की। गोला सर्किल के अधीक्षण अभियंता मनीष कुमार झा ने बताया कि ऊपर से आपातकालीन कटौती की जा रही है। इसकी सूचना करीब एक घंटे पहले ही मिल पाती है। ऊपर स्तर की समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है। विभाग का प्रयास है कि स्थानीय फॉल्ट न हों। कहीं फॉल्ट होने पर उसे जल्द ठीक कराकर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
ममरी स्थित हैदराबाद बिजली उपकेंद्र पर ग्रामीण जन सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष महेशचंद्र वर्मा के नेतृत्व में धरना दिया गया। उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद न कटौती बंद हुई और न लो वोल्टेज की समस्या दूर हुई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। समस्या का समाधान होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की बात कही।
फरधान में सेमरी बिजली उपकेंद्र से जुड़े गांवों में रात की अघोषित कटौती के विरोध में ग्रामीणों ने धरना दिया। उन्होंने कहा कि दिन-रात बिजली कटौती से आम जनजीवन प्रभावित है। अधिशाषी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय लखीमपुर खीरी को दिए शिकायती पत्र में जल्द समाधान न होने पर आक्रोश बढ़ने की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने शासन के अनुसार 18 घंटे आपूर्ति बहाल करने की मांग की।
धरने में सुखदेव सिंह, अवध बिहारी, सिंटू मिश्र, रंजीत, हंसराज, रवि प्रकाश, अरविंद कुमार, विनीत कुमार, अनिल कुमार, अनुपम वर्मा और रंजीत सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।
पलिया में बिजली समस्या पर ज्ञापन
पलियाकलां में युवा जनहित सेवा समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को बिजली कार्यालय पहुंचकर एसडीओ पवन कुमार से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। इसमें अघोषित बिजली कटौती रोकने, रोस्टिंग में सुधार, खजुरिया फीडर से ओवरहेड पानी की टंकी हटाकर उसे संपूर्णानगर फीडर से जोड़ने की मांग की गई।
समिति के सदस्य पहले पलिया स्थित अधिशाषी अभियंता कार्यालय पहुंचे। इसके बाद एसडीओ कार्यालय में वार्ता की। समिति ने कहा कि संपूर्णानगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शाम से देर रात तक लगातार रोस्टिंग से जनता बेहाल है। वर्षों से लटके जर्जर तारों को तुरंत बदलने की मांग भी उठाई गई।
एसडीओ पवन कुमार ने बताया कि बारिश के कारण कोयला गीला होने से पीछे से बिजली की आपूर्ति कम मिल रही है। ज्ञापन के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
बिजली कटौती ऊपर से की जा रही है। उच्च अधिकारियों को भी सूचित किया गया है। चार-पांच दिनों में व्यवस्था सही होने के बाद सप्लाई सुचारू होने की संभावना है।
-मयंक चतुर्वेदी, अधिशाषी अभियंता, विद्युत वितरण खंड द्वितीय
गोला विद्युत वितरण उपखंड में अधीक्षण अभियंता से वार्ता करते भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी। स- फोटो : Archive