बेसिक स्कूलों की दशा जानने पहुंचे अधिकारी को पता चला कि कई स्कूलों में गुरुजन पखवाड़े भर से स्कूल ही नहीं पहुंचे, वहीं कुछ जगह पर अनुदेशक भी गायब थे। ऐसे में बीईओ ने लापरवाह गुरुजनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट दे दी है।
अंबारा के स्कूलों में तो लापरवाही की हद हो गई, यहां प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक राजीव विक्रम 14 अप्रैल से बिन सूचना के स्कूल नहीं आए, यही नहीं रजिस्टर में उनके नाम के आगे कालम भी खाली था। यहां दोनों शिक्षामित्र विजय प्रकाश और कामिनी देवी साइन कर स्कूल से गायब मिले। स्कूल में प्रशिक्षु शिक्षक जरूर पढ़ाते हुए मिले। पूर्व माध्यमिक स्कूल के प्रभारी इंचार्ज सुरेशचंद्र्र मिश्रा भी 23 अप्रैल से गायब थे, स्कूल में तैनात अनुदेशक स्मृति शुक्ला भी गैरहाजिर मिलीं। प्राथमिक स्कूल पल्हनापुर की अनुदेशिका वंदना कुशवाहा व प्रशिक्षु शिक्षक आलोक कुमार 25 अप्रैल से गायब थे। प्राथमिक स्कूल रमुवापुर पहुंचे बीईओ को प्रधानाध्यापक विनीत मिश्रा भी 24 अप्रैल से गायब मिले, यहां पर शिक्षामित्र अनुपमा मौजूद मिलीं लेकिन वह कोई भी रजिस्टर नहीं दिखा सकीं, इस बात पर बीईओ खासे नाराज हुए। प्राथमिक स्कूल गदियाना पहुंचे बीईओ को इंचार्ज प्रधानाध्यापक उदय सिंह व प्रशिक्षु आलोक सिंह भी गायब मिले। कस्तूरबा गांधी स्कूल में जांच करने पहुंचे अधिकारी को एक चपरासी भी अनुपस्थित मिला। खंड शिक्षा अधिकारी अनुराग कुमार ने लापरवाह मिले अध्यापकों और कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कारवाई की सिफारिश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से की है।