कहा, मोदी सरकार का स्टार्टअप नारा आम जनता के लिए महज छलावा
भाकपा माले ने अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर देश बचाओ-लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाला। यह मार्च शहर के मुख्य मार्गों से गुजरता हुआ अंबेडकर पार्क पहुंचा। जहां यह जुलूस एक सभा में तब्दील हो गया। भाकपा माले ने सरदार भगत सिंह के शहीदी दिवस से उठो मेरे देश-लोकतंत्र बचाओ-देश बचाओ अभियान शुरू किया था। यह मार्च इस अभियान की आखिरी कड़ी थी। मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।
बुधवार को निकले भाकपा माले के मार्च में शामिल लोग नए भारत के वास्ते- भगत सिंह अंबेडकर के रास्ते, लोकतंत्र बचाओ-देश बचाओ आदि नारे लगा रहे थे। अंबेडकर पार्क में हुई सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि आंध्र प्रदेश के केंद्रीय विश्वविद्यालय से लेकर जेएनयू तक मोदी सरकार के भगवा हमले के खिलाफ उठ खड़े हुए लोकतांत्रिक जनप्रतिवाद ने आरएसएस और बीजेपी के छद्म राष्ट्रवाद का पर्दाफाश कर दिया है। उन्होंने कहा कि रोहित बेमुला की संस्थानिक हत्या और वाम छात्र नेता कन्हैैया कुमार की गिरफ्तारी के खिलाफ उठ खडे हुए जनप्रतिवाद में सच्चे अंबेडकरवादी और वामपंथियों की एकता ने एक नए लोकतांत्रिक भारत के निर्माण की आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है।
भाकपा माले नेता सुरेंद्र कुमार ने रोहित बेमुला एक्ट बनाने की मांग की। माले नेता क्रांति कुमार सिंह ने कहा कि एक ओर मोदी सरकार देश को सूखे के हवाले कर किसानों को आत्महत्या के लिए बाध्य कर रही है। दूसरी ओर कारपोरेट पूंजी की लूट को सुनिश्चित बनाने के लिए स्टार्ट अप इंडिया का छलावा वाला नारा दे रही है।
अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामदरस ने कहा कि संविधान में हर नागरिक को जिंदा रहने और भोजन पाने का अधिकार डॉ. अंबेडकर ने संविधान में दिया है फिर भी वन भूमि के नाम पर किसान उजाड़े जा रहे हैं और खाद्य सुरक्षा के नाम पर मिलने वाले अनाज को लूटा जा रहा है। मूल निवासी संघ के राम कुमार योगी, श्रीनाथ, रंजीत,बिकाऊ, तपेश्वरी, रामकृष्ण ने भी संबोधित किया। सभा में रहीसुद्दीन, नादिर अली, अतुल राजपाल, श्रवण कुमार, राजश्री, फूलमती, अनीता, हारून आदि सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।