ई रिक्शा चालक की पिटाई का मामला, पुलिस पर लगाया कार्रवाई न करने का आरोप
कोतवाली क्षेत्र के गांव द्वारिकागंज निवासी एक ई रिक्शा चालक के साथ दबंगों ने मारपीट कर उसे घायल कर दिया। रिक्शा चालक और उसकी पत्नी ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए बच्चों सहित रात भर नगर के सदर चौराहे पर धरना दिया। सुबह कोतवाल के समझाने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आश्वासन पर दंपति चौराहे से हटा और कोतवाल ने सरोज को मेडिकल के लिए भेजा।
गांव निवासी सरोज कुमार 23 मई की रात साढ़े नौ बजे अपना ई रिक्शा लेकर घर पहुंचा, तभी पड़ोस के कुछ लोगों ने उसे चाचा कहकर रोक लिया और मारपीट करने लगे। भयभीत परिवार का आरोप है कि रात में ही जब वह लोग मारपीट करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने कोतवाली पहुंचे तो उन्हें टरका दिया गया। पीड़ित परिवार ने दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए रात में ही सदर चौराहे पर धरना शुरू कर दिया। सुबह चौराहे पर रोती बिलखती महिला को परिवार सहित बैठे देखकर भीड़ लग गई। सूचना मिलने पर पहुंचे कोतवाल एके सिंह ने परिवार को समझाकर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कोतवाली लाए और सरोज कुमार का मेडिकल कराया। सरोज की पत्नी गीता गुप्ता ने पुलिस पर रिपोर्ट न लिखने का आरोप लगाया। कहा कि मारपीट करने वाले ऊंची पहुंच के चलते आए दिन उसके परिवार को परेशान करते हैं। दरवाजे पर आकर अपशब्द कहकर मोहल्ले से भगाने की धमकी देते हैं, जिससे उसका परिवार भयभीत है। कोतवाल अजय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर रात में ही आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई थी। रात होने के कारण सरोज का मेडिकल नहीं हो पाया था। जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर चौराहे पर बिताई रात
धरने पर बैठी सरोज कुमार की पत्नी गीता गुप्ता ने रो रोकर बताया कि वह पुत्र ललित, सूजल, सौरभ, हनी बच्चों सहित पूरी रात भूखी प्यासी चौराहे पर बैठी रही, लेकिन कोई भी पुलिस कर्मी उसका हाल पूछने तक नहीं आया।