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नगर पालिका गेट पर कूड़ा डालकर सफाई कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

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सफाई कर्मचारी संघ नेताओं से वार्ता करते ईओ और तहसील प्रशासन।
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सात दिन में मांगें माने जाने के लिखित आश्वासन पर माने सफाईकर्मी
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तहसील एवं पालिका प्रशासन सहित सफाई कर्मचारी नेताओं के बीच घंटों चली वार्ता
लखीमपुर खीरी। लंबित मांगों सहित ईओ द्वारा सफाई कर्मचारियों को निकालने की शुरू की गई कवायद से नाराज सफाई कर्मी शनिवार को नगर पालिका गेट पर शहर का कूड़ा डालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर पालिका पहुंचे अन्य कर्मचारियों को अपने कार्यालयों का ताला तक नहीं खोलने दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल के साथ सदर एसडीएम भी नगर पालिका पहुंच गए। मांगों को लेकर अधिकारियों और कर्मचारी नेताओं के बीच कई घंटे तक वार्ता चली। अंत में 18 बिंदुओं पर आम सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हुआ। तब जाकर तहसील प्रशासन ने राहत की सांस ली।
कई सफाई कर्मियों को हटाए जाने और लंबित मांगों का वर्षों बाद भी निराकरण न होने से नाराज सफाई कर्मचारियों ने शनिवार सुबह नवरात्र के पहले दिन नगर पालिका के गेट पर कूड़ा उड़ेलकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलने पर नगर पालिका पहुंचे तहसील एवं पालिका अधिकारियों ने उन्हें मनाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन असफल रहे। इस स्थिति में एक तरफ वार्ता तो दूसरी तरफ धरना-प्रदर्शन का दौर जारी रहा। कई घंटे तक तहसील एवं पालिका प्रशासन और सफाई कर्मचारी नेताओं के बीच वार्ता होती रही। शाम तक चली वार्ता में कुछ बिंदुओं पर सहमति बनने और कुछ पर लिखित रूप में सकारात्मक जवाब मिलने से संतुष्ट होने पर सफाई कर्मियों ने धरना खत्म कर पालिका गेट से कूड़ा उठाया। तब जाकर लोगों का आवागमन शुरू हो सका।
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इस बीच वरिष्ठ लिपिक प्रहलाद सिंह, लिपिक देवाशीष मुखर्जी तथा सफाई कर्मचारी नेताओं की मौजूदगी में वार्ता शुरू हुई। सुबह 10 बजे से शाम करीब चार बजे तक वार्ता के बाद समझौता हो सका। इस दौरान एसडीएम सदर राजेश कुमार नाएब तहसीलदार तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बेकाबू होती स्थिति को कई बार संभाला।
स्थाई संविदा एवं ठेका सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पचनू ने बताया 18 बिंदुओं पर वार्ता हुई है। इसमे कुछ बिंदुओं पर सकरात्मक जवाब मिला, लेकिन कुछ पर सहमति नहीं बनी। इस पर एक पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जो सात दिन में शेष बिंदुओं का निराकरण कराएगी। यदि सात दिन में दो से तीन बिंदुओं का निपटारा नहीं हुआ तो फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। कर्मचारियों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।

एसडीएम बोले, खराब है पालिका की स्थिति
सदर एसडीएम राजेश कुमार ने पालिका की स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया की 18 बिंदुओं पर वार्ता हुई है। इसमें जब ठेका कर्मचारी ईपीएफ का पैसा जमा करेंगे, तभी उन्हें सर्विस चार्ज दिया जाएगा। सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों का भुगतान बजट आने पर कराया जाएगा। इसी के साथ उन्होंने ईओ को हर माह के अंत में सफाई कर्मचारियों का वेतन तैयार कर लेंने और बजट आते ही भुगतान कराने के निर्देश दिए।
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सफाई कर्मियों की सूची मांगने पर बगले झांकने लगे लेखाकार
वार्ता के दौरान सदर एसडीएम को जब सफाई कर्मचारियों की संख्या 600 के करीब होने की जानकारी हुई तो वह चौंक गए। सफाई कर्मियों की इतनी संख्या होने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था की स्थिति देखकर वह सारा मामला भांप गए। इस पर उन्होंने लेखाकार से सफाई कर्मियों की सूची तलब की, लेकिन लेखाकार ने सूची नहीं दी। वहीं सदर एसडीएम के आने की सूचना मिलने पर लेखाकार ने तमाम पत्रावलियां पालिका के बाहर भिजवा दीं, जिससे मामला पकड़ में न सके। वार्ता खत्म होने और एसडीएम सदर, नायब तहसीलदार के चले जाने के बाद पालिका कर्मी बाहर दुकानों पर रखवाई गई पत्रावलियों को पालिका में लेकर आए। पालिका सूत्रों की मानें तो सफाई कर्मियों की संख्या में बड़ा गड़बड़झाला है। यदि एसडीएम साहब इसकी जांच करा लेख तो एक बड़ा घोटाला उजागर होगा।
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