लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन है। ऐसे में टीबी मरीजों को जांच को लेकर खासी दिक्कत हो रही है। ऐसे में टीबी की जांच के लिए लोगों को अपना सैंपल स्वयं सरकारी अस्पताल लेकर आना पड़ता था। मगर, शासन ने एक मई से सैंपल लाने की जिम्मेदारी डाक विभाग को सौंपी है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि टीबी के मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर होती है, जिससे उनमें संक्रमण होने की आशंका ज्यादा रहती है। अब तक टीमें घर-घर जाकर लक्षण के आधार पर टीबी की जांच करती थी, लेकिन लॉकडाउन होने से इसमें दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया टीबी रोगियों की सुविधा के लिए शासन ने डाक विभाग से सहभागिता की है। इसमें सैंपल लाने के लिए मरीजों को स्वयं सरकारी अस्पताल दौड़कर नहीं आना होगा। डाकिया मरीजों के सैंपल लैब तक पहुंचाएंगे।
24 घंटे में पहुंचाना होगा सैंपल
डॉ. बलबीर सिंह बताते हैं कि जिला क्षय रोग अस्पताल सहित सीएचसी गोला, निघासन में सीबी नॉट मशीन लगी है। जबकि जांच की सुविधा हर सीएचसी पर है। सामान्य जांच में टीबी के लक्षण सामने नहीं आते हैं। ऐसे मरीजों का बलगम सीबी नॉट लैब रेफर किया जाता है। ऐसे में कुछ मरीज खुद ही बलगम का सैंपल लेकर जांच के लिए सीबी नॉट लैब पहुंचते थे। मगर, अब डाकिया जांच सेंटर से सैंपल लेकर 24 घंटे में सीबी नॉट लैब तक पहुंचाएगा।