लखीमपुर खीरी। अब एक हजार एमजी क्षमता की पैरासीटामाल भी बाजार में आ गई है, जबकि इससे पहले अधिकतम 650 एमजी क्षमता की पैरासीटामाल उपलब्ध थी। ड्रग इंस्पेक्टर ने गोला स्थित एक मेडिकल स्टोर से बेची जा रही पैरासीटामाल का नमूना लिया। जबकि दूसरे मेडिकल स्टोर से कैप्सूल पैंटॉस डीएसअर का नमूना लिया गया।
ड्रग इंस्पेक्टर सुनील कुमार रावत ने बताया कि गोला गोकर्णनाथ में मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया तो वहां सत्यम मेडिकल स्टोर पर 1000 एमजी की पैरासीटामाल बेची जा रही थी। उन्होंने बताया कि इस टेबलेट का डॉक्टर के परामर्श पर ही प्रयोग किया जा सकता है, क्योंकि हल्का बुखार होने पर इसका सेवन खतरनाक हो सकता है। इस टेबलेट में 300 और 700 एमजी का दो भागों में सॉल्ट रहता है, जिससे मरीज के दवा खाने पर पहले 300 एमजी वाला भाग शरीर में घुलता है। इसके कुछ देर बाद 700 एमजी वाला भाग भी शरीर में असर दिखाता है। उन्होंने बताया कि सैंपल रिपोर्ट आने पर इस बात की पुष्टि हो सकेगी कि टेबलेट के दोनों भागों के शरीर में घुलने की टाइमिंग क्या है। निर्धारित मानक के मुताबिक टेबलेट के घुलने की टाइमिंग न होने पर दवा निर्माता और विक्रेता के खिलाफ ड्रग एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल स्टोर में फ्रिज खराब मिला, जिसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने पंजाबी कॉलोनी स्थित एकता मेडिकल स्टोर से कैप्सूल पैंटास डीएसआर का नमूना लिया, जो पेट में गैस की शिकायत होने पर प्रयोग की जाती है।