सिंघनिया गांव के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से बात करते बीडीओ। स्रोत: स्वयं
लखीमपुर खीरी। सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिंघनिया में विकास कार्यों की हकीकत खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के औचक निरीक्षण में सामने आई। गांव में न सड़कें ठीक मिलीं और न अन्य व्यवस्थाएं। विकास कार्यों के नाम पर बड़ा खेल किए जाने की आशंका है।
सदर ब्लॉक के बीडीओ संदीप कुमार ने बताया कि कमरुन्निसा पिछले 10 वर्षों से गांव की प्रधान हैं, लेकिन पंचायत की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। निरीक्षण में मनिकापुर मजरे में विकास कार्य न के बराबर मिले, जबकि सीमित क्षेत्र में काम कराकर औपचारिकता पूरी की गई।
एसएलडब्ल्यूएम (सॉलिड एंड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट) योजना के तहत कराए गए कार्य भी मानकों के विपरीत पाए गए। प्रारंभिक जांच में सात से आठ लाख रुपये के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है।
बीडीओ ने बताया कि ग्रामीणों ने विधायक योगेश वर्मा से शिकायत की थी कि गांव में विकास कार्य नहीं कराए जाते। कुछ जगह कार्य कराए भी गए तो एक पक्ष के लोगों की ओर कराए गए। विधायक के निर्देश पर वह गांव का निरीक्षण करने पहुंचे तो हालात खराब मिले।
चारों ओर गंदा पानी भरा था। नालियां टूटी और सड़कें क्षतिग्रस्त मिलीं। कूड़ा निस्तारण प्लांट की स्थिति भी ठीक नहीं थी। बीडीओ ने कहा कि गांव में कराए गए कार्यों की विस्तृत जांच कराई जाएगी, ताकि अनियमितताओं की स्थिति स्पष्ट होने पर कार्रवाई की जा सके। निरीक्षण के बाद अभिलेख तलब किए गए हैं।