लखीमपुर खीरी। सफाई कर्मचारियों का बेवजह भुगतान रोके जाने का मामला उजागर होने पर पंचायती राज विभाग में तैनात पटल सहायक को निलंबन की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के निर्देश पर लिपिक मनोज शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
जिले के 10 विकास खंडों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के स्थापना और भुगतान संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी पटल सहायक (बाबू) मनोज शुक्ला के पास थी। आरोप है कि सफाई कर्मचारी लंबे समय से वेतन भुगतान को लेकर कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन संबंधित कर्मचारी की मनमानी और लापरवाही के चलते भुगतान नहीं हो सका।
15 जनवरी को विकास भवन में आयोजित कर्मचारी दिवस के दौरान सफाई कर्मचारियों ने अपनी समस्या सीधे सीडीओ के समक्ष रखी थी। सीडीओ ने तत्काल भुगतान सुनिश्चित कराने और कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद न तो भुगतान किया गया और न ही रवैये में कोई सुधार देखने को मिला।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने जांच कराई। प्रारंभिक जांच में बाबू की लापरवाही की पुष्टि होने पर निलंबन की कार्रवाई की गई। सीडीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कर्मचारियों की देयताओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पंचायत विभाग के एक अन्य कर्मचारी पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। इसके अलावा अन्य विभागों के लापरवाह कर्मचारियों पर भी सीडीओ की नजर है।
इधर, सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए प्रत्येक माह 15 जनवरी को कर्मचारी दिवस आयोजित किया जाता है, जिसमें कर्मचारी अपनी समस्याएं सीधे रख सकते हैं।