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महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर युवा बोले हिंसा से नहीं होता कुछ हासिल

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वेद सिंह - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर देश उनकी स्मृतियों को याद कर रहा है। वहीं, गांधी दर्शन से प्रभावित जिले के युवाओं ने महात्मा गांधी के अहिंसा के हथियार को सबसे बड़ा बताया। महात्मा गांधी का जन्म दो अक्तूबर, 1869 को पोरबंदर में हुआ और 30 जनवरी 1948 को दिल्ली के बिड़ला भवन में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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जिले के युवाओं का कहना है कि देश को आजादी दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। हालांकि इस दौरान उन्होंने कभी भी हिंसा का सहारा नहीं लिया। देशवासियों को भी शांति कायम रख अहिंसा का पाठ पढ़ाते रहे। गांधी जी जीवन भर हिंसा की बजाय अहिंसा के पक्षधर रहे। अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश को आजादी दिलाने वाले महात्मा गांधी जीवन पर्यंत युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगे। उन्होंने सामाजिक परिवर्तन, छुआ छूत आदि कुरीतियों को दूर करने के लिए युवाओं को आगे आने का आह्वान किया।
सामाजिक परिवर्तन के लिए आगे आएं युवा
गांधी जी हमेशा चाहते थे कि सामाजिक परिवर्तनों, सामाजिक कुरीतियों, जाति व्यवस्था के उन्मूलन के लिए युवा आवाज उठाएं। इसके लिए उन्होंने युवाओं से आगे आने का आह्वान किया। - आरजू, बीए वाईडी कॉलेज
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सत्य, अहिंसा और सद्भाव का अनुसरण करें
महात्मा गांधी हम सभी के लिए एक सत्य की प्रतिमा हैं। उन्होंने हिंसा के बिना अपनी बात मनवाकर देश को आजादी दिलाने के साथ नई राह दिखाई। हम सब को गांधी जी के सत्य, अहिंसा और सद्भाव का अनुसरण करना चाहिए। - वेद सिंह, बीएससी वाईडी कॉलेज
गांधी को नहीं, गांधी की मानिए
अहिंसा के पुजारी गांधी जी के जीवन से सीखने के लिए तो बहुत कुछ है। उन्होंने कहा था कि खुद में वह बदलाव लाएं जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं। सभी को उसी दिशा में बढ़ने और गांधी को नहीं, बल्कि गांधी की मानने की जरूरत है। - तुबा हिना, आर्यकन्या डिग्री कॉलेज
सभी के लिए प्रेरणा स्रोत
आज के दौर में भी गांधी जी के विचार उतने ही अहम हैं, जितने पहले थे। उन्होंने युवाओं को सामाजिक परिवर्तन का बड़ा हिस्सा मानते हुए आगे आने के लिए प्रेरित किया। इससे सामाजिक बुराइयों को खत्म किया जा सके। इसीलिए वह सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। - अंकिता एमएससी
गांधी जी के आंदोलन से हमें शिक्षा लेनी चाहिए
आजादी की लड़ाई के लिए युवाओं को सत्याग्रह, असहयोग और बलिदान का मंत्र दिया। अहिंसा के माध्यम से विश्व को संदेश दिया कि एक अकेला आदमी भी सम्मान, धर्म की रक्षा के लिए साम्राज्य के संपूर्ण बल को चुनौती दे सकता है। - विशाल मिश्रा,

आरजू- फोटो : LAKHIMPUR

विशाल मिश्रा- फोटो : LAKHIMPUR

अंकिता- फोटो : LAKHIMPUR

तुबा हिना- फोटो : LAKHIMPUR

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