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Lakhimpur Kheri News: भागो-भागो बंदर आया, एक माह में 600 से अधिक लोगों को काटा

Tue, 13 Jan 2026 11:28 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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सड़क पर बैठे बंदर
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लखीमपुर खीरी में कुत्तों के बाद शहर में बंदरों का उत्पात बढ़ गया है। ये आए दिन लोगों पर हमलावर हो रहे हैं। सबसे ज्यादा बच्चों पर खतरा मंडरा रहा है। छतों और सड़कों से कई बार भागो-भागो बंदर आया... की आवाज गूंजती नजर आ रही है।
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जिला अस्पताल में पिछले एक माह में बंदर के काटने के बाद 600 से अधिक लोग एंटी रैबीज लगवा चुके हैं। इसमें अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों के आंकड़े शामिल नहीं है। लोग इसकी आए दिन शिकायतें भी करते हैं लेकिन न तो नगर पालिका ध्यान दे रही है और न ही प्रशासन।

बंदरों का उत्पात वैसे तो पूरे शहर भर में है लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित संकटा देवी, काशीनगर, बहादुर नगर, पंजाबी काॅलोनी, राजगढ़, बरखेड़वा, बदल्देवनगर, वाईडी कॉलेज, हाथीपुर उत्तरी, आवास विकास, अर्जुनपुरवा, सरबती देवी कॉलोनी आदि मोहल्ले हैं। संकटा देवी मंदिर व उसके आसपास बाजार में लोगों के हाथ से सामान छीनकर भाग जाते हैं। दुकानों पर खाद्य सामग्री फैला देते हैं। ग्राहकों के हाथ से झोला छीन लेते हैं। कभी-कभी काट भी लेते हैं। बिजली तार क्षतिग्रस्त कर देते हैं, जिससे फाॅल्ट होते हैं। बाजार में रोजाना आठ से 10 घटनाएं इस तरह की होती हैं। दुकानदारों को डंडा रखना पड़ रहा है। स्कूलों में भी बच्चों को बंदर परेशान करते हैं। काटने की कई घटनाएं भी सामने आई हैं।
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जिला अस्पताल में बीते 30 दिनों में 1453 लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। इसमें से 600 से अधिक सिर्फ बंदर के हमले वाले हैं। महिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा काफी लोग निजी अस्पताल व मेडिकल स्टोर पर भी एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं।

तोड़ देते हैं गमले व पानी की टंकी, फाड़ रहे गीले कपड़े
छतों पर बंदर काफी उत्पात मचाते हैं। गमले, पानी की टंकियां व सोलर पैनल तोड़ देते हैं। कपड़े फाड़ देते हैं या फिर इधर-उधर फेंक देते हैं। अभी तक लोग गेहूं को छत पर सुखाते थे लेकिन बंदरों के उत्पात से परेशान कई लोग गेहूं खरीदना बंद कर सीधे आटा लाने लगे हैं। पिछले साल मोहल्ला हाथीपुर उत्तरी में बंदरों के दौड़ाने से 19 वर्षीय युवती की छत पर से गिरने के कारण मौत हो गई थी। इधर, सोमवार देर शाम काशीनगर में एक बैंक कर्मी पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया था।

बंदरों के बचने से लोग यह करने लगे उपाय
-घर के बाहर व छत पर लंगूरी बंदरों का पोस्टर लगाने लगे।
-गमलों व सोलर पैनल को सुरक्षित रखने के लिए जाल लगाने लगे।
-पानी की टंकी पर लोग कांटेदार ढक्कर लगाने लगे।
-छत व बालकनी में डंडा व गुलेल रखने लगे हैं।
-कहीं-कहीं लोग करंट का झटका मारने वाला तार डालने लगे।

मेरे मोहल्ले काशीनगर में भी बंदरों का आतंक काफी है। उनके मेडिकल स्टोर पर काफी लोग वैक्सीन लेने पहुंचते हैं। इधर, काफी दिनों से एंटी रैबीज इंजेक्शन की मांग बढ़ी है।- मनोज श्रीवास्तव, मेडिकल स्टोर संचालक, खीरी रोड

बंदरों से पूरा मोहल्ला काफी परेशान है। मेरे बच्चों पर कई बार बंदर हमला कर चुके हैं। इस कारण छत पर जाने में डर लगता है। बंदरों को रोकने का प्रयास होने चाहिए।-रीता गुप्ता, मोहल्ला हाथीपुर उत्तरी

शहर के मोहल्लों में बंदरों से लोग परेशान हैं तो इसके लिए नगर पालिका की जिम्मेदारी है कि वह इन बंदरों को पकड़वाए। नगर पालिका को निर्देश दिया जाएगा कि इस मामले को देखें और कार्रवाई करे।- अश्विनी कुमार सिंह, एसडीएम सदर

शहर में कुछ दिन पहले बंदरों की संख्या अधिक हो गई थी, तब टीम बुलाकर बंदरों को पकड़वाया गया था। अब फिर से शिकायतें मिली हैं। जल्द ही दोबारा से टीम बुलाकर बंदरों को पकड़वाया जाएगा।- डॉ. इरा श्रीवास्तव, पालिका अध्यक्ष, लखीमपुर

 

 

 

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