हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव अल्लीपुर में नमाज अदा करने की नई परपंरा डालने की कोशिश को लेकर एक समुदाय के लोगों ने इकट्ठा होकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रोड जाम करने का प्रयास किया, जिससे पुलिस-प्रशासन में थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। मौके पर कई थानों के पुलिस फोर्स समेत मोहम्मदी, गोला और मितौली तहसीलों के सीओ भी पहुंच गए। इसके अलावा तीनों तहसीलों के एसडीएम भी मामले को शांत कराने पहुंचे। अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक नोकझोंक का सिलसिला चलता रहा, जिसके बाद एडीएम एसपी सिंह और एएसपी एपी सिंह के समझाने के बाद प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया जा सका।
गांव अल्लीपुर में करीब दो माह पूर्व एक समुदाय के द्वारा बगैर प्रशासन की अनुमति लिए एक घर में मस्जिद का निर्माण कराया जा रहा था, जिसके निर्माण पर प्रशासन ने रोक लगा दी थी। जबकि इस गंाव के लोग ईद की नमाज अदा करने के लिए पड़ोसी गांव चांदामऊ और सिकंद्राबाद जाया करते थे। इस बार कुछ लोगों ने गांव में ही ईद की नमाज अदा करने की कोशिश शुरू की लिहाजा प्रशासन ने अल्लीपुर में कोई नई परंपरा न पड़े और विवाद की स्थिति न बने, इसलिए वहां पर पहले से पुलिस बल तैनात कर दिया था।
एडीएम एसपी सिंह् ने बताया कि ऐसे मौकों पर नई परपंरा नहीं डाली जा सकती
है, क्योंकि विवाद की स्थिति बन सकती है। गांव के लोग जहां नमाज अदा करते
आए हैं, वहीं अदा करेंगे।
यह था मामला
शनिवार को लोगों ने गांव में नमाज अदा करनी चाही, तो प्रशासन ने रोक दिया। इसके बाद लोगों ने विरोध करते हुए मोहम्मदी-लखीमपुर मार्ग पर थाना मितौली क्षेत्र के बरौला फार्म पर सुबह छह बजे से जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले को शांत करने का प्रयास करते रहे, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी जिद पर अड़े रहे।
नहीं पड़ेगी नई परपंरा
एएसपी अष्टभुजा प्रताप सिंह और पेश इमाम अशजद मियां ने ग्रामीणों को समझाया और ईद की नमाज पहले की तरह चांदामऊ में ही अदा करने को कहा। नई परपंरा गांव में नहीं डाली जाएगी, इस आशय से लिखित पत्र प्रदर्शनकारियों से ले लिया गया।
चार साल से विवाद की स्थिति
भीखमपुर। गांव अल्लीपुर में ईद की नमाज का विवाद करीब चार साल बाद भी हल नहीं किया जा सका। हर साल ईद पर गांव में विवाद की स्थिति आ जाती है। एक समुदाय के लोग इस गांव में नमाज अदा करना चाहते हैं।