बरसात के साथ ही जिले में संभावित दिमागी बुखार का प्रकोप शुरू हो गया है। इससे पीड़ित जिला अस्पताल में चार बच्चों को भर्ती कराया गया है। इन बच्चों को झटके आते हैं और तेज बुखार है। बच्चों के परिवार के लोग दिमागी बुखार की आशंका से चिंतित हैं।
बरसात के बाद से जिले में बीमारियों का प्रकोप शुरू हो गया है। जिला अस्पताल में रविवार को संभावित दिमागी बुखार से पीड़ित चार बच्चे भर्ती कराए गए हैं, इसमें थाना क्षेत्र फूलबेहड़ के ग्राम झाऊपुरवा निवासी मोहनलाल के 12 वर्षीय पुत्र आशीष को झटके आते हैं उसकी आंखें चढ़ जाती हैं। इसके अलावा ग्राम रंगीलानगर निवासी हफीज खां के तीन वर्ष के पुत्र सुहेल खान को भी झटके आते हैं तथा तेज बुखार है। ग्राम रंगीलानगर के ही झब्बन की दो वर्ष की पुत्री शायरा बानो को तेज बुखार है तथा थाना गोला क्षेत्र के ग्राम कंचनपुर निवासी संदीप के डेढ़ वर्ष के पुत्र को भी झटके आते हैं और तेज बुखार है। इन बच्चों के परिवार के लोग दिमागी बुखार की आशंका से चिंतित हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने किसी बच्चे को दिमागी बुखार होने से इंकार किया है। सीएमओ डॉ. वीके साहू ने बताया है कि कभी-कभी तेज बुखार में बच्चों को झटके आ जाते हैं। जिला अस्पताल के भर्ती बच्चों की जांच कराई गई है। किसी भी बच्चे को दिमागी बुखार नहीं है।