लखीमपुर खीरी। आरटीई (राइट टू एजुकेशन) योजना के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया दो चरण पूरे होने के बाद भी अटक गई है। स्कूल संचालक अभिभावकों से विभागीय आदेश की प्रति मांग रहे हैं, जिसके अभाव में दाखिला नहीं हो पा रहा है।
अभिभावक स्कूल और बीआरसी के चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना है कि सीट आवंटित होने के बावजूद प्रवेश नहीं मिल रहा, जिससे परेशानी बढ़ रही है। पहले चरण में 1371 आवेदन मिले, जिनमें 780 पात्र पाए गए। लॉटरी में 544 बच्चों को सीट मिली, जबकि 236 पात्र बच्चों को सीट नहीं मिल सकी। दूसरे चरण में 805 आवेदन आए। सत्यापन के बाद 311 बच्चों को प्रवेश के लिए चयनित किया गया। 445 आवेदन कमियों के चलते निरस्त हुए और 49 पात्र बच्चों को सीटें भर जाने से मौका नहीं मिला।मौजूदा समय में तीसरा और अंतिम चरण जारी है, लेकिन विभागीय आदेश बीआरसी तक नहीं पहुंचने से प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। अभिभावक आवंटन का प्रिंट निकालकर सीधे स्कूल में प्रवेश लें। स्कूल संचालक अपने लॉग इन से जानकारी देख सकते हैं। किसी भी स्कूल द्वारा प्रवेश से इंकार करने पर कार्रवाई की जाएगी।
25 मार्च तक आवेदन का मौका-
तीसरे चरण के तहत 12 मार्च से आवेदन प्रक्रिया जारी है, जो 25 मार्च तक चलेगी। इसी अवधि में सत्यापन होगा और 27 मार्च को लॉटरी निकाली जाएगी।