मई माह के तीसरे मंगलवार को जिले की सभी तहसीलों में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। डीएम किंजल सिंह को आज के तहसील दिवस में मोहम्मदी तहसील दिवस की अध्यक्षता करनी थी, लेकिन उनके न पहुंचने पर फरियादियों को मायूसी हुई। मितौली में एडीएम भी नही पहुंचे।
लखीमपुर में एसडीएम आलोक वर्मा की अध्यक्षता में तहसील दिवस हुआ। इसमें कुल 81 शिकायतें आईं। जिनमें से मात्र छह का निस्तारण हो सका। इस मौके पर तहसीलदार नीरज पटेल भी मौजूद रहे। मोहम्मदी में सीडीओ नितीश कुमार ने तहसील दिवस की अध्यक्षता की। इसमें कुल 136 शिकायतें दर्ज की गईं। इसमें से 25 का मौके पर निस्तारण हो सका।
तहसील दिवस में एसपी अरविंद सेन, डीसीओ जगदीश चंद्र यादव, सीएमओ डॉ. विजय सिंह चौहान, जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी, के अलावा एसडीएम नागेंद्र कुमार सिंह, तहसीलदार दशरथ कुमार, प्रभारी निरीक्षक आनंद शाही आदि अधिकारी मौजूद रहे।
मितौली। तहसील दिवस मितौली में एडीएम एसपी सिंह को आना था। उनके न आने पर एसडीएम विश्राम लाल ने तहसील दिवस की अध्यक्षता की। एएसपी अष्टभुजा प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। तहसील दिवस में कुल 69 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से केवल 15 शिकायतों का मौके पर निस्तारण हो सका। इस मौके पर सीओ मिथलेश कुमारी दीक्षित, बिजली विभाग के आरबी सिंह मौजूद रहे।
धौरहरा। एसडीएम ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस में कुल 25 शिकायतें आयीं। इसमें मात्र दो ही निस्तारित हो सकीं। इस दौरान तहसीलदार अशोक यादव, कोतवाल विजय प्रताप यादव मौजूद रहे।
बूंद-बूंद पानी को तरस गए फरियादी
मोहम्मदी। तहसील दिवस में शिकायतकर्ता और कर्मचारी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए। प्रशासन ने पानी का कोई इंतजाम नही किया था। गोकन के सूरजपाल ने बताया कि डीएम से मिलने के लिए वह दस बजे लाइन में लग गए थे।
तहसील दिवस में उठा रामनगर कलां प्रकरण
बिजुआ। रामनगर कलां गांव में मृत किसानों को मुआवजे की चेक बनाने और पात्र किसानों को मुआवजे से वंचित रखने के मामले में तीसरे दिन भी शिकायतों का दौर जारी रहा। तहसील दिवस के मौके पर ग्रामीण गोला पहुंचे वहां किसानों ने अपनी शिकायतों का चिट्ठा अधिकारियों को सौंपा। कुछ किसानों ने जिलाधिकारी को संबोधित शिकायत भी भेजी है।
बता दें कि रामनगर कलां गांव में आपदा प्रभावित किसानों को चेक देने के मामले में जो लेखपाल ने सर्वे रिपोर्ट पेश की, उसी आधार पर तहसीलदार ने मुआवजे की चेक जारी कर दी। मृत किसानों के नाम पर चेक जारी होने और जिंदा किसानों को वंचित रखने के मामले में शिकायतें शुरू हो गईं। पहले दिन तहसीलदार गोला अभिमन्यु वर्मा ने म़ृत किसानों के नाम चेक होने को नकारते हुए शिकायतकर्ताओं को ही फर्जी करार दिया था। लेकिन अगले दिन एसडीएम की मौजूदगी में लेखपाल ने भी माना कि आरोप सही हैं। मंगलवार को शेष किसानों ने आरोपी जिम्मेदार अधिकारी और लेखपाल पर कार्रवाई करने को डीएम को संबोधित प्रार्थनापत्र तहसील दिवस में दिया है।