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सड़क चौड़ीकरण: दुकानदारों को 15 दिन में अतिक्रमण खाली करने का नोटिस, हड़कंप

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मैगलगंज। पीलीभीत बस्ती हाईवे को जोड़ने वाले मार्ग को मैगलगंज-पूरनपुर नेशनल हाईवे घोषित किए जाने के बाद अब चौड़ीकरण तमाम लोगों पर भारी पड़ने वाला है। मैगलगंज कस्बे में सड़क के दोनों किनारे अवैध रूप से अतिक्रमण कर बनाई गईं दुकानों, मकानों को हटाने के लिए बरेली के राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड (पीडब्ल्यूडी) ने कब्जेदारों को नोटिस जारी कर 15 दिन में कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं। इस अवधि में स्वयं अतिक्रमण न हटाने पर बुलडोजर चलाने की चेतावनी से हड़कंप मच गया है। डीएम भी गुरुवार को कस्बे में अतिक्रमण की स्थिति देखने पहुंचे। वहां कब्जेदारों ने उनके सामने अपनी फरियाद रखी, मगर कोई हल निकलता नजर नहीं आया। डीएम ने कह दिया है कि सरकारी जमीन से हरहाल में अतिक्रमण हटाना होगा।
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इस मामले में अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई के विरोध में कस्बा निवासी बुद्धसेन रस्तोगी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें कहा था कि हाईवे की सड़क का निर्माण सही तरीके से नहीं हुआ है। इसको लेकर हाईकोर्ट के अधिवक्ता एसके मिश्रा ने बहस की थी, जिसमें डबल बेंच के जस्टिस अजय लामा और नरेंद्र कुमार जौहरी ने डीएम लखीमपुर को सात जुलाई 2019 को आदेश देते हुए कहा था कि 31 जुलाई 2019 तक मामले का निस्तारण करते हुए कोर्ट को अवगत कराएं। इस पर डीएम ने चार सप्ताह का समय मांगा था। इस बीच डीएम ने मितौली एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित करके लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सीमाओं की नाप-जोख करने के आदेश दिए थे। नाप में सड़क पर अवैध कब्जे का मामला सामने आ गया। एसडीएम ने अवैध रूप से निर्माण करने वाले कब्जेदारों को चिन्हित कर रिपोर्ट डीएम को भेजी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय मार्ग निर्माण खंड बरेली के सहायक अभियंता पीपी वर्मा ने 33 कब्जेदारों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में सख्त चेतावनी भी दी गई है कि कब्जेदारों ने 15 दिनों में स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया, तो विभाग द्वारा अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। इस पर आने वाला खर्च कब्जेदारों से वसूला जाएगा। इसके बाद से दुकानदारों में खलबली मची है।
नोटिस में सिद्धेश्वरी देवी आश्रम की पूरी मार्केट भी है। मार्केट की ये दुकानें नहमुल्ला, अनिल कटियार, आशीष मिश्रा, राममिलन गुप्ता, डॉ जगदीश मिश्रा, अतुल मिश्रा, दीपक तिवारी, मुकेश अवस्थी, अवनीश गुप्ता के पास हैं। इसके अलावा धनंजय सिंह, वसीम, संजीव गुप्ता, मानु कटियार, प्रभात गुप्ता, बुद्धसेन रस्तोगी, रामप्रसाद कश्यप, दीपक गुप्ता, राहुल गुप्ता, किसवार, सुरेश राठौर, शिवकुमार तिवारी, विशन रस्तोगी, गन्ना समिति, राजकुमार सिंह, अशोक गुप्ता, महेश गुप्ता, रमेश गुप्ता, दिनेश गुप्ता, उमेश गुप्ता, राधेश्याम गुप्ता, राधेश्याम शुक्ला, डॉ बंगाली, जंगी सिंह यादव, रामकुमार यज्ञसैनी, डॉक्टर विधान चंद विश्वास, रामचंद्र गुप्ता, संजीव गुप्ता आदि को नोटिस जारी दिए गए हैं। इसके अलावा प्राइवेट बस अड्डा भी इसमें शामिल है। इन्हें कब्जा हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
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