लखीमपुर खीरी। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद (उत्तर प्रदेश) के आह्वान पर शुक्रवार को रोडवेज बस स्टेशन परिसर में कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों के अवैध संचालन और डग्गामारी पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि इससे रोडवेज निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है और यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।
कर्मचारियों ने लंबे समय से कार्यरत संविदा चालकों और परिचालकों का नियमितीकरण करने, पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते का शासनादेश जारी कर भुगतान शुरू कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा वेतन विसंगतियां दूर करने और रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की मांग भी की गई।
सभा की अध्यक्षता कर रहे शरद तिवारी ने निगम प्रबंधन पर कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि 19 मई तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 20 मई को प्रस्तावित क्षेत्रीय आंदोलन में बड़ी संख्या में कर्मचारी भाग लेंगे।
धरने में मंत्री रवि शंकर शुक्ला, प्रभात अवस्थी, शैलेंद्र मिश्रा, अंकित मिश्रा, सुनील पांडेय, सतेन्द्र, हरिओम, दुर्गेश, सावित्री माधुरी, आरती देवी और आरती राणा समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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गोला रोडवेज डिपो पर भी हुआ धरना
गोला गोकर्णनाथ। शाखा अध्यक्ष प्रमोद मिश्र के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने प्रबंध निदेशक को संबोधित ज्ञापन एआरएम महेश चंद्र कमल को दिया। इस दौरान संगठन मंत्री आलोक अवस्थी, केके वर्मा, जोगिंदर सिंह, सुशील गुप्ता, अनामिका सिंह, अंशिका चौधरी, कृष्णा राज, रिंकी पाल, अरुण मिश्र, विपिन शर्मा और कमलेश यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद
गोला रोडवेज डिपो में एआरएम को ज्ञापन देते संगठन के पदाधिकारी। स्रोत:संगठन