चेकिंग के दौरान अक्सर हो रहा है ऐसा
खड़े किए जाने से यात्री हो रहे अपमानित
परिवहन निगम के आला अधिकारी भले ही बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दिलाने के लिए प्रयत्नशील हों लेकिन विभागीय टीआई यात्रियों को परेशान करने से नहीं चूक रहे हैं। अक्सर चेकिंग के दौरान टीआई बस में सवार हो जाते हैं और परिचालक के पास बैठे यात्री को उठाकर बैठ जाते हैं, जिससे यात्री खड़े होकर यात्रा करने के लिए मजबूर होता है। एक ऐसा ही मामला रविवार को गोला डिपो की बस में देखने को मिला।
हुआ यूं कि गोला डिपो की बस संख्या यूपी 31 टी 4587 रविवार को लखनऊ जाने के लिए डिपो में खड़ी थी। बस की सभी सीटें भर चुकी थीं। इस दौरान लखीमपुर जाने के लिए दो युवक बस में सवार हुए, जिसमें से एक युवक परिचालक की सीट पर और दूसरा सीट न होने के कारण खड़ा हो गया। वहीं इस दौरान बस में चढ़े गोला डिपो के एक कर्मचारी ने अपने को स्टाफ का बताकर परिचालक सीट पर बैठे यात्री को खड़ा कर दिया, जिससे बेचारे यात्री को लखीमपुर तक खड़े होकर आना पड़ा। हालांकि इस संबंध में बस के परिचालक कहना था कि उसने अभी जल्दी ही ज्वाइन किया है और उनको पहचानता नही है। रूट पर चेकिंग कर रहे लखीमपुर के टीआई शशिकांत मिश्रा ने बताया बस भरी होने पर परिचालक के साथ बैठे यात्री को उठाना गलत है। उन्होंने बताया कि बस में गोला डिपो के टीआई हेम सिंह यादव सवार होकर लखीमपुर एलआरपी तक आए थे।
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यदि बस भरी है और परिचालक सीट पर यात्री बैठा है तो किसी भी कर्मचारी के आने पर यात्री को सीट से नहीं उठाया जाएगा। परिचालक कर्मचारी को बैठाना चाहता है तो खुद खड़े होकर अपनी सीट पर कर्मचारी को बैठा सकता है।
-वीके गोस्वामी, एआरएम लखीमपुर / प्रभारी गोला