लखीमपुर खीरी। नगर पालिका की बोर्ड बैठकों में विकास के प्रस्ताव तो पास होते गए, लेकिन बजट की मंजूरी नहीं मिलने से कई काम फाइलों में ही अटके हैं। दो बैठकों में सात सड़कों समेत संपवेल, नई दुकानें, चौक और शौचालय निर्माण के प्रस्तावों पर मुहर लगी, मगर कई वार्डों में सभासद अब भी पुराने प्रस्तावों के धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत शहर के विभिन्न मोहल्लों में सात सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव पास हुआ है। डीसी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी में संपवेल, बरखेरवा की जर्जर मार्केट तोड़कर नई दुकानें और छाउछ में तालाब के पास पालिका की जमीन पर दुकानें बनाने के प्रस्ताव भी मंजूर हुए हैं। गल्ला मंडी और बाथम वैश्य धर्मशाला के पास दो शौचालय बनाने को भी हरी झंडी मिली है।
महासभा उत्तर प्रदेश के जिला महासचिव जगरूप प्रजापति की मांग पर समाज के लोगों के लिए शहर में चौक बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। नौरंगाबाद में प्रसिद्ध कवि व शायर स्वर्गीय फारूक सरल के घर के सामने की सड़क का नामकरण और नई सड़क बनाने तथा पूर्व सभासद महबूब अली के नाम पर सड़क बनाने के प्रस्ताव भी पास हुए।
बोर्ड से प्रस्ताव पास होने के बाद संबंधित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण, अनुमान और बजट तैयार किया जाना है। बजट स्वीकृत होने के बाद टेंडर समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण शुरू होगा। हालांकि, एलआरपी से गुरु नानक इंटर कॉलेज तक नगर पालिका की लाइटें लगाने और आवास विकास में नाली व इंटरलॉकिंग का काम शुरू हो चुका है।
तीन साल से प्रस्ताव, फिर भी इंतजार
हिदायतनगर के सभासद समसुल हसन ने कहा कि तीन साल के कार्यकाल में गलियों, नालियों और बिजली व्यवस्था से जुड़े कई प्रस्ताव दिए, लेकिन अब तक एक भी प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुआ। कच्चे नालों और लाइटों के प्रस्ताव भी बजट के अभाव में अटके हैं। शिव कॉलोनी के सभासद मनोज पाल ने बताया कि जर्जर सड़कों के प्रस्ताव भेजे गए हैं। कुछ का निर्माण हो चुका है, जबकि बाकी के जल्द बनने की उम्मीद है।गुटैय्याबाग की सभासद तमीजन बानो ने बताया कि उनका वार्ड बड़ा है और इस कार्यकाल में अभी तक दो सड़कें ही बन सकी हैं। अन्य सड़कों के प्रस्ताव लंबित हैं।
बरखेरवा की सभासद आनंदमई ने बताया कि गैस और जल निगम की पाइपलाइन के लिए हुई खोदाई से कई सड़कें खराब हुई हैं। बारिश के बाद इनका निर्माण कराया जाएगा।
महाराज नगर की सभासद शमीम बानो ने बताया कि वार्ड की अधिकांश सड़कें बन चुकी हैं। दो-तीन खराब सड़कों के प्रस्ताव पालिका को भेजे गए हैं।
प्रस्ताव से निर्माण तक अभी लंबा रास्ता
बोर्ड की मंजूरी के बाद भी काम शुरू होने से पहले स्थलीय निरीक्षण, अनुमान, बजट स्वीकृति, टेंडर और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। ऐसे में प्रस्ताव पास होने के बावजूद कई वार्डों के लोगों को निर्माण शुरू होने का इंतजार करना पड़ रहा है।
बोर्ड बैठकों में सभासदों के अधिकतर प्रस्ताव पास हो गए हैं। कई काम शुरू भी हो चुके हैं। बाकी प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। वहां से मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
-डॉ. इरा श्रीवास्तव, पालिका अध्यक्ष, लखीमपुर